पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उच्च न्यायालय से मिली बड़ी राहत

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब घोटाला मामले में आरोपी चैतन्य बघेल के लिए राहत की खबर आई है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। न्यायालय ने ईओडब्ल्यू (EOW)-एसीबी (ACB) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) दोनों द्वारा दर्ज किए गए प्रकरणों में उन्हें जमानत प्रदान की है।
अदालती कार्यवाही और वकील का पक्ष
शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान चैतन्य बघेल के कानूनी प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष के वकील ने जानकारी दी कि उनके मुवक्किल के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत जो मामले दर्ज थे, उन दोनों में ही कोर्ट ने राहत दे दी है। करीब छह महीने तक जेल में रहने के बाद, इस आदेश के आने से अब उनकी रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पिछले वर्ष 18 जुलाई को उनके भिलाई स्थित निवास से हुई थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर की थी।
मामले से जुड़ी प्रमुख जानकारी:
गिरफ्तारी की तिथि: 18 जुलाई, 2025
लगाए गए कानून: धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988।
वर्तमान स्थिति: हाईकोर्ट से जमानत मंजूर, शीघ्र ही जेल से बाहर आने की संभावना।
चैतन्य बघेल पर आरोप था कि वे इस कथित घोटाले से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्त थे, हालांकि अब न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने को उनके परिवार और समर्थकों के लिए एक बड़ी कानूनी जीत के रूप में देखा जा रहा है।
















