बलौदाबाजार में 24 हजार से अधिक मतदाताओं के विवरण पर संदेह, प्रशासन ने जारी किए नोटिस

बलौदाबाजार। भारत निर्वाचन आयोग के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) अभियान के तहत बलौदाबाजार जिले में मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने की कवायद तेज हो गई है। हालिया जांच में मतदाता सूची में दर्ज नाम, पते और आयु जैसे विवरणों में बड़े पैमाने पर विसंगतियां और दोहराव (डुप्लीकेसी) की आशंका जताई गई है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने 24,603 मतदाताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिससे जिले के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में हलचल मच गई है।
नोटिस तामील करने में आ रही चुनौतियां
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल जारी नोटिसों में से केवल 7,524 मतदाताओं तक ही सूचना पहुंचाई जा सकी है। एक बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस मिलना अभी शेष है। इतनी बड़ी तादाद में संदिग्ध प्रविष्टियाँ मिलने से मतदाता सूची की शुद्धता पर सवाल उठ रहे हैं, जिसे सुधारना अब निर्वाचन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
मतदाताओं के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश
निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन भी मतदाताओं के विवरण संदिग्ध पाए गए हैं, उन्हें अपनी सत्यता प्रमाणित करनी होगी:
दस्तावेज प्रस्तुतीकरण: मतदाताओं को निर्धारित समय के भीतर अपने वैध पहचान पत्रों और निवास संबंधी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा।
विलोपन की चेतावनी: यदि मतदाता समय सीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण या सही दस्तावेज पेश नहीं करते हैं, तो उनके नाम मतदाता सूची से हटाए (विलोपित) जा सकते हैं।
प्रशासन की अपील: जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी नागरिकों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों को निष्पक्ष और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए मतदाता सूची का शुद्ध होना अनिवार्य है। अतः नोटिस प्राप्त होने पर तुरंत संबंधित कार्यालय से संपर्क करें।
















