इंदौर जल त्रासदी : विकास उपाध्याय ने बीजेपी सरकार पर साधा निशाना, प्रशासनिक लापरवाही को बताया मौतों का जिम्मेदार

रायपुर। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल के सेवन से हुई 15 नागरिकों की मृत्यु पर कांग्रेस नेता और रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस हृदयविदारक घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए इसे प्रशासनिक संवेदनहीनता का चरम बताया है।
छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व संसदीय सचिव उपाध्याय ने अपने बयान में कहा कि स्वच्छ जल जैसी बुनियादी सुविधा मुहैया न करा पाना सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के प्रति बरती गई घोर लापरवाही है।
घटना के मुख्य बिंदु और आरोप:
चेतावनी की अनदेखी: विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि स्थानीय निवासियों द्वारा काफी समय से पानी की खराब गुणवत्ता की शिकायतें की जा रही थीं। यदि प्रशासन समय रहते इन शिकायतों पर ध्यान देता, तो 15 मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।
जवाबदेही का अभाव: उन्होंने कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में मानवीय संवेदनाएं खत्म होती जा रही हैं। चाहे वह किसानों का मुद्दा हो या बुनियादी सुविधाओं का अभाव, सरकार अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी लेने के बजाय उनसे बचती नजर आती है।
खोखले दावे: पूर्व विधायक के अनुसार, विकास और स्वच्छता के बड़े-बड़े दावे केवल विज्ञापनों तक सीमित हैं। वास्तविक सुशासन वही है जहाँ आम आदमी का जीवन सुरक्षित हो, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में आम नागरिक खुद को असहाय महसूस कर रहा है।
न्याय और मुआवजे की मांग
विकास उपाध्याय ने इस पूरी त्रासदी की निष्पक्ष उच्च-स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य शहर को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े। साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवारों को अविलंब उचित आर्थिक मुआवजा और सहायता प्रदान करने की अपील भी की है।
उनका कहना है कि किसी भी सरकार के लिए जनजीवन की सुरक्षा से बढ़कर कोई दूसरा धर्म नहीं होना चाहिए।
















