यातायात नियमों की अनदेखी पुलिसकर्मियों को पड़ी भारी, दुर्ग में 9 के कटे चालान

दुर्ग। जिले में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। अब पुलिस की यह सख्ती केवल आम जनता तक सीमित नहीं है, बल्कि नियम तोड़ने वाले विभाग के अपने कर्मचारियों पर भी गाज गिर रही है। ताजा मामले में, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने के आरोप में दुर्ग पुलिस ने अपने ही विभाग के 9 पुलिसकर्मियों पर दंडात्मक कार्रवाई की है।
एसएसपी के आदेश की अवहेलना
एसएसपी विजय अग्रवाल ने पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिले के सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी दुपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनेंगे। हालांकि, 4 जनवरी को चेकिंग के दौरान कई कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। अनुशासनहीनता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर इन सभी के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
कार्रवाई की जद में आए कर्मचारी
चालान का सामना करने वालों में पुरुष आरक्षकों के साथ महिला आरक्षक भी शामिल हैं। सूची इस प्रकार है:
सुशील प्रजापति (प्रधान आरक्षक चालक, रक्षित केंद्र)
भागवत प्रसाद (प्रधान आरक्षक, थाना अंडा)
सुनील साहू (आरक्षक, थाना रानीतराई)
कमलेश देशमुख (आरक्षक, थाना दुर्ग)
पंकज पांडेय (आरक्षक, थाना जामुल)
रवि सोनी (आरक्षक, थाना खुर्सीपार)
संगीता कोसले (महिला आरक्षक, भिलाई नगर)
एलिषा (महिला आरक्षक, थाना छावनी)
आशा ठाकुर (महिला आरक्षक, महिला थाना दुर्ग)
जुर्माना और सख्त हिदायत
नियम तोड़ने वाले प्रत्येक पुलिसकर्मी पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विभाग ने सख्त लहजे में यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में दोबारा ऐसी गलती होने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग पुलिस का संदेश: कानून सबके लिए बराबर है। सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है, और खाकी वर्दी पहनने वालों से नियमों के प्रति अधिक गंभीरता की अपेक्षा की जाती है।
















