मरार पटेल समाज की उद्यमशीलता और सहकारिता है राज्य की प्रगति का आधार : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बीते सोमवार को राजधानी के घड़ी चौक पर आयोजित माता शाकंभरी जयंती समारोह में सम्मिलित हुए। इस पावन अवसर पर उन्होंने माता शाकंभरी की विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने पटेल समाज के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर नागरिकों को निःशुल्क सब्जियों का वितरण भी किया।
समाज की एकजुटता और मेहनत की सराहना
समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मरार पटेल समाज अपनी मेहनत, संगठन और अनुशासन के लिए जाना जाता है। उन्होंने समाज की उद्यमी प्रवृत्ति की प्रशंसा करते हुए कहा कि अपनी कड़ी मेहनत के दम पर इस समाज ने प्रदेश में एक विशिष्ट पहचान बनाई है।
शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि समाज के पसीने को सही मोल दिलाने और उनके उत्पादों को स्थानीय बाड़ियों से लेकर देश के बड़े बाजारों तक पहुँचाने के उद्देश्य से ही ‘शाकंभरी बोर्ड’ का गठन किया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम आज सबके सामने हैं।
सहकारिता की भावना पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने समाज के भीतर रची-बसी सहकारिता की भावना को रेखांकित किया। उन्होंने कहा:
“मरार पटेल समाज के हर व्यक्ति में सहयोग और मिलजुलकर काम करने का भाव प्राकृतिक रूप से विद्यमान है। इसी सहकारिता के मंत्र को आत्मसात कर हमें समाज और छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।”
समृद्धि और जन-कल्याण का संकल्प
विजय शर्मा ने माता शाकंभरी से कामना की कि प्रदेश के खेत-खलिहान सदैव लहलहाते रहें, घरों में खुशहाली आए और सभी नागरिक स्वस्थ रहें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वर्तमान राज्य सरकार समाज के हर वर्ग, विशेषकर गांव, गरीब, किसान और मजदूरों के उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
















