पेट की एसिडिटी और जलन से पाना है तुरंत आराम? अपनाएं ये असरदार घरेलू उपाय

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते खान-पान के कारण पेट में गैस, एसिडिटी और जलन होना एक आम समस्या बन गई है। जब पेट का एसिड भोजन नली (Esophagus) की ओर वापस आने लगता है, तो इसे एसिड रिफ्लक्स कहते हैं, जिससे सीने और पेट में तेज जलन महसूस होती है।
अगर आप भी इस असहजता से परेशान हैं, तो दवाइयों के बजाय आपकी रसोई में मौजूद कुछ प्राकृतिक चीजें आपको बड़ी राहत दे सकती हैं।
पेट में जलन होने के मुख्य कारण
पेट में भारीपन या जलन के पीछे कई वजहें हो सकती हैं:
अत्यधिक मसालेदार और तैलीय भोजन का सेवन।
मोटापा और शारीरिक सक्रियता की कमी।
धूम्रपान और शराब की लत।
भोजन के तुरंत बाद लेट जाना।
गैस और जलन को शांत करने के प्राकृतिक नुस्खे
- गुड़ का सेवन है रामबाण भोजन के बाद गुड़ का एक छोटा टुकड़ा चूसना पाचन के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसे चबाने के बजाय धीरे-धीरे चूसें। यह पाचन तंत्र को सक्रिय करता है और पेट की गर्मी को कम करने में मदद करता है।
- ठंडक पहुंचाता है दही दही में प्राकृतिक एंटासिड (Antacid) गुण होते हैं। यह पेट के पीएच स्तर को संतुलित करता है और जलन को तुरंत शांत करता है। दोपहर के भोजन में दही या छाछ को शामिल करना एक बेहतरीन विकल्प है।
- अदरक, शहद और नींबू का मिश्रण अदरक में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। अदरक के रस में थोड़ा शहद और नींबू मिलाकर पीने से पेट के हानिकारक बैक्टीरिया खत्म होते हैं और गैस की समस्या से राहत मिलती है।
- सौंफ का पानी सौंफ पेट को ठंडक प्रदान करती है। एक चम्मच सौंफ को रात भर पानी में भिगो दें और सुबह इसे छानकर शहद के साथ पिएं। यह न केवल एसिडिटी को दूर करता है बल्कि पेट फूलने (Bloating) की समस्या को भी कम करता है।
- एलोवेरा जूस एलोवेरा पाचन मार्ग की सूजन को कम करने में सहायक है। आधा कप एलोवेरा जूस पीने से कब्ज में सुधार होता है और आंतों की जलन कम होती है।
जीवनशैली में करें ये जरूरी बदलाव
सिर्फ नुस्खे ही नहीं, आदतों में सुधार भी जरूरी है:
सोने का समय: रात के खाने और सोने के बीच कम से कम 3 घंटे का अंतर रखें।
वजन पर नियंत्रण: बढ़ते वजन को काबू में रखें ताकि पेट पर दबाव कम हो।
परहेज: कैफीन, चॉकलेट और ज्यादा मिर्च-मसाले वाले खाने से दूरी बनाएं।
ढीले कपड़े: तंग कपड़ों के बजाय आरामदायक कपड़े पहनें ताकि पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
महत्वपूर्ण नोट: यह जानकारी सामान्य सुझावों पर आधारित है। यदि समस्या पुरानी है या गंभीर है, तो कृपया किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
















