जशपुर में जंगली हाथी का तांडव : 48 घंटों में कई घर जमींदोज, ग्रामीणों में भारी खौफ

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में हाथी और मानव के बीच संघर्ष की एक डराने वाली घटना सामने आई है। पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में एक दंतैल हाथी ने पिछले दो दिनों से भारी तबाही मचा रखी है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ गई है।
तबाही का सिलसिला
हाथी ने नारायणपुर और सुसडेगा गांवों को अपना निशाना बनाया है। घटनाक्रम कुछ इस प्रकार रहा:
नारायणपुर में हमला: सोमवार रात हाथी ने गांव में घुसकर चार मकानों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान घर में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान (टीवी आदि) को भी नुकसान पहुँचाया।
सुसडेगा में उत्पात: अगले ही दिन मंगलवार को हाथी ने सुसडेगा का रुख किया और वहां भी चार घरों को तोड़ दिया। हाथी ने न केवल दीवारों को गिराया, बल्कि घरों के भीतर रखा अनाज भी चट कर लिया।
बाल-बाल बची जान: एक घर में सो रही माँ और बेटी हाथी के हमले के दौरान बेहद करीब होने के बावजूद चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गईं।
वन विभाग की कार्रवाई
हाथियों की आमद की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और निम्नलिखित कदम उठाए:
सुरक्षित स्थानांतरण: हाथियों के रास्ते में आने वाले घरों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है।
सतत निगरानी: वन अमला लगातार हाथी की लोकेशन ट्रैक कर रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
जनजागरूकता: विभाग ने ग्रामीणों को रात के अंधेरे में बाहर न निकलने और हाथियों को न छेड़ने की सख्त हिदायत दी है।
वर्तमान में क्षेत्र में तनाव का माहौल है और लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं। वन विभाग ने अपील की है कि हाथी दिखने पर तुरंत इसकी सूचना नजदीकी बीट गार्ड या कार्यालय को दें।
















