छत्तीसगढ़ सियासत : भूपेश बघेल के राज्यसभा जाने और बेटे चैतन्य के राजनीति में कदम रखने की सुगबुगाहट

रायपुर। रायपुर में राजनीतिक हलचल उस समय बढ़ गई जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को राज्यसभा भेजे जाने की संभावनाओं पर बहस शुरू हुई। इसी के साथ उनके पुत्र, चैतन्य बघेल के सक्रिय राजनीति में प्रवेश को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं। इन चर्चाओं पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चुटकी लेते हुए बघेल को भविष्य के लिए अग्रिम शुभकामनाएँ भी दे दी हैं।
भाजपा का रुख और तंज
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस भूपेश बघेल को उच्च सदन भेजती है, तो भाजपा को इस पर कोई ऐतराज नहीं है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए याद दिलाया कि पूर्व में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सीटों पर बाहरी चेहरों को प्राथमिकता दी थी। चैतन्य बघेल के राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में हर नागरिक को राजनीति में आने का संवैधानिक अधिकार है।
अक्टूबर 2026 के चुनावी समीकरण
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटों के लिए अक्टूबर 2026 में मतदान होना है। वर्तमान में इन सीटों पर केटीएस तुलसी और फूलोदेवी नेताम का कब्जा है, जिनका कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है।
सीटों का संभावित गणित:
कुल खाली सीटें: 02
भाजपा की संभावना: विधानसभा में बहुमत के आधार पर 1 सीट भाजपा के खाते में जाना लगभग तय है।
कांग्रेस की स्थिति: वर्तमान संख्या बल के अनुसार कांग्रेस को केवल 1 सीट से ही संतोष करना पड़ सकता है।
क्या भूपेश बघेल होंगे कांग्रेस की पसंद?
जानकारों का मानना है कि अपनी इकलौती सुरक्षित सीट पर कांग्रेस किसी कद्दावर नेता को ही उतारना चाहेगी, और इस दौड़ में भूपेश बघेल का नाम सबसे आगे चल रहा है। हालांकि, अंतिम मुहर कांग्रेस आलाकमान को ही लगानी है।
राज्य की राजनीति में यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल बघेल की भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में भी नेतृत्व की नई इबारत लिखी जा सकती है।
















