जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की नई उड़ान : 2025 में 10 हजार से अधिक लोगों के लिए ‘देवदूत’ बनी संजीवनी एक्सप्रेस

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर स्वास्थ्य सुविधाओं का कायाकल्प हो रहा है। आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में ‘संजीवनी एक्सप्रेस 108’ जिले के निवासियों के लिए एक मजबूत जीवन रेखा साबित हुई है। साल 2025 के आंकड़े बताते हैं कि इस सेवा ने हजारों परिवारों को संकट के समय समय पर मदद पहुँचाई है।
सेवा विस्तार और मुख्य उपलब्धियां:
बढ़ता बेड़ा: मुख्यमंत्री द्वारा जिले को 10 नई एंबुलेंस की सौगात दिए जाने के बाद अब जशपुर में कुल 24 संजीवनी एक्सप्रेस सक्रिय हैं। इससे शहरी इलाकों के साथ-साथ दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में भी रिस्पांस टाइम कम हुआ है।
हजारों को मिला जीवनदान: वर्ष 2025 में कुल 10,114 मरीजों को इस एंबुलेंस सेवा के माध्यम से अस्पताल पहुँचाया गया। इसमें सड़क हादसे, दिल का दौरा, सर्पदंश और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीज शामिल थे।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: इस दौरान 572 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित अस्पताल पहुँचाया गया। विशेष बात यह रही कि कई आपात स्थितियों में एंबुलेंस के भीतर ही प्रशिक्षित कर्मियों ने सुरक्षित प्रसव कराकर जच्चा-बच्चा की जान बचाई।
सुदूर अंचलों तक पहुँच
संजीवनी एक्सप्रेस के जिला प्रबंधक दीपक साहू के अनुसार, अतिरिक्त वाहनों की उपलब्धता से अब जिले के सबसे दूरस्थ गांवों तक भी स्वास्थ्य सेवाएँ समय पर पहुँच रही हैं। अत्याधुनिक उपकरणों से लैस ये एंबुलेंस अब जशपुर की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी मरीजों के लिए एक भरोसेमंद सहारा बन गई हैं। स्थानीय निवासियों ने भी इस सेवा के विस्तार पर संतोष व्यक्त किया है, क्योंकि अब आपातकालीन स्थिति में उन्हें एंबुलेंस के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता।
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की इस मुहिम का सीधा असर आम जनता के जीवन स्तर और सुरक्षा पर दिख रहा है।
















