स्वास्थ्य सेवाओं में राजनांदगांव का कीर्तिमान : आयुष्मान कार्ड पंजीकरण में बना छत्तीसगढ़ का नंबर-1 जिला

राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत ‘आयुष्मान कार्ड’ और ‘आयुष्मान वय वंदना कार्ड’ बनाने के मामले में राजनांदगांव पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।
वय वंदना कार्ड: लक्ष्य से अधिक पंजीकरण
बुजुर्गों के सम्मान और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए शुरू किए गए आयुष्मान वय वंदना कार्ड अभियान में जिले ने शत-प्रतिशत सफलता प्राप्त की है।
सफलता का आंकड़ा: जिले ने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 100.20% उपलब्धि दर्ज की है।
लाभार्थी: 70 वर्ष से अधिक आयु के कुल 25,138 पात्र वरिष्ठ नागरिकों में से 25,088 का पंजीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही राजनांदगांव राज्य का ऐसा पहला जिला बन गया है जिसने इस श्रेणी में पूर्ण पंजीकरण का लक्ष्य प्राप्त किया है।
सामान्य आयुष्मान कार्ड में भी अव्वल
केवल वरिष्ठ नागरिक ही नहीं, बल्कि सामान्य आयुष्मान कार्ड पंजीकरण में भी राजनांदगांव ने अपनी बढ़त बनाए रखी है।
जिले में कुल 9,52,546 पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया था।
अब तक 9,37,461 लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का 98.42% है।
इस प्रभावशाली प्रदर्शन के साथ जिला पूरे छत्तीसगढ़ में पहले पायदान पर है।
घर-घर दस्तक और त्वरित सेवा
इस सफलता के पीछे स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता एक मुख्य कारण रही है। विभाग की टीमों ने घर-घर जाकर पात्र हितग्राहियों की पहचान की और उनका पंजीकरण सुनिश्चित किया। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह रहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
बुजुर्गों और गरीबों के लिए ‘संजीवनी’
अतिरिक्त लाभ: आयुष्मान वय वंदना कार्ड के जरिए वरिष्ठ नागरिकों को सरकारी और निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त मुफ्त इलाज मिलता है।
आर्थिक सुरक्षा: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह कार्ड एक सुरक्षा कवच की तरह है, जो उन्हें प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस और पेपरलेस उपचार प्रदान करता है।
राजनांदगांव की यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणा है, जो दर्शाती है कि सही योजना और जमीनी स्तर पर प्रयास से स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा सकता है।
















