छत्तीसगढ़ में चावल निर्यात को मिली नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री साय ने की मंडी शुल्क में छूट बढ़ाने की घोषणा

रायपुर। रायपुर में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट’ के दूसरे संस्करण में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के चावल निर्यातकों के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने घोषणा की कि चावल निर्यात पर मिलने वाली मंडी शुल्क की छूट को आगामी एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। यह कदम न केवल निर्यातकों के लिए राहत भरा है, बल्कि इससे अप्रत्यक्ष रूप से प्रदेश के धान उत्पादक किसानों को भी लाभ मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर ‘धान का कटोरा’
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान ‘धान के कटोरे’ के रूप में विश्वविख्यात है। इस समिट में 12 देशों के खरीदार और 6 देशों के दूतावास प्रतिनिधियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ का चावल अब वैश्विक बाजारों में अपनी मजबूत पकड़ बना रहा है। वर्तमान में प्रदेश से लगभग 90 देशों को 1 लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है।
समिट की मुख्य बातें और महत्वपूर्ण घोषणाएं:
मंडी शुल्क में विस्तार: निर्यातकों की पुरानी मांग को पूरा करते हुए, दिसंबर 2025 में समाप्त हो रही मंडी शुल्क छूट की अवधि को एक साल और बढ़ा दिया गया है।
एपीडा (APEDA) क्षेत्रीय कार्यालय: मुख्यमंत्री ने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय का शुभारंभ किया, जिससे निर्यात संबंधी प्रक्रियाएं आसान होंगी।
ऑर्गेनिक खेती पर जोर: मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में जैविक उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ रही है। उन्होंने दंतेवाड़ा में हो रही ऑर्गेनिक चावल की खेती की सराहना की और इसे बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई।
प्रदर्शनी का अवलोकन: श्री साय ने चावल की विभिन्न किस्मों और आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों पर आधारित प्रदर्शनी का निरीक्षण किया।
किसान कल्याण और औद्योगिक नीति
राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योगों को मिलने वाले प्रोत्साहन से चावल प्रसंस्करण (Processing) के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि:
सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है।
पिछले वर्ष रिकॉर्ड 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी।
राज्य में जीराफूल और दुबराज जैसी सुगंधित किस्मों के संरक्षण और विपणन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, एपीडा के चेयरमैन श्री अभिषेक देव और छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी सहित देश-विदेश के व्यवसायी उपस्थित थे। यह आयोजन छत्तीसगढ़ के कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
















