व्यक्तित्व निर्माण के लिए शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों का संगम जरूरी : टंक राम वर्मा

रायपुर। स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती और ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के उपलक्ष्य में राजधानी रायपुर में युवाओं के भीतर देशभक्ति और उत्साह का अनूठा संचार देखने को मिला। इस अवसर पर “स्वदेशी संकल्प दौड़” का आयोजन किया गया, जो सुभाष स्टेडियम से शुरू होकर स्वामी विवेकानंद सरोवर पर समाप्त हुई। इस दौड़ का मुख्य उद्देश्य युवाओं में स्वदेशी के प्रति गर्व और राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना था।
चरित्र निर्माण ही वास्तविक शिक्षा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, उच्च शिक्षा एवं राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने हमेशा आत्मविश्वास और चरित्र की शक्ति पर बल दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल किताबी ज्ञान हासिल करना शिक्षा नहीं है; जब तक शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और नैतिकता न जुड़ी हो, तब तक व्यक्तित्व का पूर्ण विकास संभव नहीं है।
युवा शक्ति से उज्ज्वल होगा भारत का भविष्य
मंत्री वर्मा ने राष्ट्र की प्रगति में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए निम्नलिखित प्रमुख बातें कहीं:
अमृतकाल की नींव: भारत वर्तमान में अपने गौरवशाली अमृतकाल में है, जहाँ युवाओं की ऊर्जा देश को विश्वगुरु बनाने में सक्षम है।
नवाचार और ऊर्जा: आगामी दशक पूरी तरह से युवा पीढ़ी के कौशल, कठिन परिश्रम और नई सोच (Innovation) के नाम रहेगा।
स्वदेशी का संकल्प: उन्होंने युवाओं को हरी झंडी दिखाकर दौड़ के लिए रवाना किया और सभी को स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा देश के गौरव को बढ़ाने की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्तित्व शामिल हुए, जिनमें शामिल हैं:
विधायक: अनुज शर्मा (धरसीवां)
प्रशासनिक अधिकारी: डॉ. एस. भारतीदासन (सचिव, उच्च शिक्षा), डॉ. लाल उम्मेद सिंह (एसएसपी), विश्वदीप (नगर निगम आयुक्त), और कुमार बिश्वरंजन (सीईओ, जिला पंचायत)।
प्रतिनिधि: विश्व विजय सिंह तोमर (अध्यक्ष, राज्य युवा आयोग) और विजय कुमार गोयल (अध्यक्ष, निजी विश्वविद्यालय संघ)।
इनके साथ ही बड़ी संख्या में छात्रों और नागरिकों ने भी इस दौड़ में हिस्सा लेकर राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिया।
















