बलौदाबाजार हिंसा : छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के नेता अमित बघेल की मुश्किलें बढ़ीं, प्रोडक्शन वारंट पर हुई पेशी

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के चर्चित बलौदाबाजार आगजनी और हिंसा मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल को जांच के दायरे में लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। बघेल पहले से ही अन्य मामलों में रायपुर जेल में बंद थे, जहाँ से पुलिस उन्हें प्रोडक्शन वारंट के जरिए बलौदाबाजार लेकर आई है।
कोर्ट में होगी पेशी
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रायपुर जेल से लाए जाने के बाद अमित बघेल को सीधे न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस इस हिंसा कांड में बघेल की भूमिका और उनके तार किन-किन पहलुओं से जुड़े हैं, इसकी गहनता से जांच कर रही है।
अब तक की कार्रवाई का विवरण
10 जून को हुई इस हिंसा और आगजनी की घटना के बाद से ही पुलिस लगातार धरपकड़ कर रही है। इस मामले से जुड़े मुख्य तथ्य नीचे दिए गए हैं:
कुल गिरफ्तारियां: अब तक इस पूरे प्रकरण में 201 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
जांच का दायरा: पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है, जिससे भविष्य में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
विवादों से पुराना नाता
अमित बघेल वर्तमान में केवल इस हिंसा मामले की वजह से ही चर्चा में नहीं हैं, बल्कि उन पर धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के भी कई आरोप हैं।
विवादिता टिप्पणी: बघेल पर महाराजा अग्रसेन और भगवान झूलेलाल के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने का आरोप है। इस बयान के बाद सिंधी और अग्रवाल समाज ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया था।
कानूनी शिकंजा: रायपुर के तेलीबांधा, सिविल लाइन और देवेंद्र नगर थानों में उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं।
अंतर्राज्यीय मामले: छत्तीसगढ़ के अलावा राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत लगभग 12 राज्यों में उनके खिलाफ कानूनी मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और बलौदाबाजार मामले की तह तक जाकर दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
















