बस्तर में विकास की नई लहर : मंत्री केदार कश्यप ने दी ₹3.46 करोड़ के कार्यों की सौगात

बस्तर। नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रगति की रफ़्तार को तेज करते हुए प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर विकासखंड को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का उपहार दिया है। अपने हालिया दौरे के दौरान, उन्होंने तुरपुरा और कोटगढ़ में आयोजित कार्यक्रमों में 3 करोड़ 46 लाख 28 हजार रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन कार्यों का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को सुधारना और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
खेती और सिंचाई पर विशेष जोर
किसानों की समृद्धि को प्राथमिकता देते हुए मंत्री कश्यप ने तुरपुरा जलाशय के जीर्णोद्धार कार्य की नींव रखी। इस महत्वपूर्ण परियोजना पर लगभग 2.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
जलाशय के बांध का सुदृढ़ीकरण और गिट्टी कार्य।
नए स्लूस गेट और वेस्ट वियर का निर्माण।
नहरों की लाइनिंग और स्ट्रक्चर रिपेयरिंग।
इस कार्य के पूरा होने से नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुँचेगा, जिससे किसान साल में एक से अधिक फसलें ले सकेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
बुनियादी ढांचे का विस्तार और सुगम आवागमन
मंत्री ने न केवल नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी, बल्कि पूर्ण हो चुके कार्यों को जनता को समर्पित भी किया।
सड़क संपर्क: कुम्हली, केशरपाल और सोलेमेटा में 21 लाख रुपये की लागत से बनी सीसी सड़कों का लोकार्पण किया गया। इससे स्कूली बच्चों और मरीजों के लिए आवागमन अब और भी आसान हो जाएगा।
सशक्त पंचायत: कोटगढ़ में 20 लाख रुपये की लागत से एक आधुनिक पंचायत भवन का भूमिपूजन किया गया, जो ग्रामीण शासन और योजनाओं के क्रियान्वयन का केंद्र बनेगा।
अन्य निर्माण: मुण्डागुड़ा में सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए रंगमंच और केशरपाल में नई पुलिया के निर्माण की भी शुरुआत की गई।
“समय सीमा और गुणवत्ता हमारी प्राथमिकता”
जनसभा को संबोधित करते हुए श्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण कार्यों को समय पर पूरा करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिंचाई सुविधाओं का विस्तार बस्तर के किसानों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।
इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, जनपद अध्यक्ष श्री संतोष बघेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
















