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केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नई बैंकिंग और बीमा योजना : अब मिलेंगे कई विशेष लाभ

न्युज डेस्क (एजेंसी)। भारत सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बैंकिंग सुविधाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए सैलरी बैंक अकाउंट के माध्यम से कर्मचारियों को न केवल वित्तीय लेन-देन में आसानी होगी, बल्कि उन्हें और उनके परिवारों को व्यापक सुरक्षा कवच भी प्रदान किया जाएगा।

  1. आधुनिक बैंकिंग और रियायती ऋण सुविधाएं

नए सैलरी अकाउंट को तीन मुख्य श्रेणियों—बैंकिंग, बीमा और कार्ड्स—में विभाजित किया गया है। इसमें मिलने वाले मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:

ज़ीरो बैलेंस अकाउंट: कर्मचारियों को बिना किसी न्यूनतम राशि के बैंक खाता बनाए रखने की सुविधा मिलेगी।

नि:शुल्क डिजिटल ट्रांजेक्शन: RTGS, NEFT और UPI जैसी सेवाएं पूरी तरह मुफ्त होंगी।

सस्ता कर्ज: आवास, वाहन, शिक्षा और व्यक्तिगत ऋण पर ब्याज दरों में विशेष छूट दी जाएगी।

प्रोसेसिंग फीस में माफी: लोन लेते समय लगने वाले प्रोसेसिंग शुल्क को माफ किया जाएगा और लॉकर किराए में भी रियायत मिलेगी।

  1. लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ कवर

कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सैलरी अकाउंट के साथ ही बीमा की सुविधा भी जोड़ी गई है:

जीवन बीमा: खाते के साथ ₹20 लाख तक का इन-बिल्ट टर्म लाइफ इंश्योरेंस मिलेगा। कर्मचारी चाहें तो प्रीमियम देकर इस कवर को और बढ़ा भी सकते हैं।

स्वास्थ्य सुरक्षा: परिवार के लिए व्यापक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान पेश किया गया है, जिसमें बेस प्लान के साथ टॉप-अप की सुविधा भी शामिल है।

कार्ड बेनिफिट्स: डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट्स जैसे प्रीमियम लाभ दिए जाएंगे।

  1. CGHS लाभार्थियों के लिए ‘आयुष’ मेडिक्लेम पॉलिसी

सरकार ने सीजीएचएस (CGHS) से जुड़े कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक विशेष आयुष-बीमा पॉलिसी की घोषणा की है। न्यू इंडिया एश्योरेंस के माध्यम से संचालित होने वाली इस योजना की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

कैशलेस इलाज: अस्पतालों के एक बड़े नेटवर्क में बिना नकद भुगतान के आधुनिक और आयुष उपचार की सुविधा।

बीमा राशि के विकल्प: लाभार्थी अपनी आवश्यकतानुसार ₹10 लाख या ₹20 लाख का कवर चुन सकते हैं।

सह-भुगतान (Co-payment): इसमें लाभार्थी और बीमा कंपनी के बीच 70:30 या 50:50 के अनुपात में भुगतान की व्यवस्था होगी।

अस्पताल का खर्च: सामान्य कमरे के लिए बीमा राशि का 1% और ICU के लिए 2% तक प्रतिदिन का किराया निर्धारित है। इसमें भर्ती होने से 30 दिन पहले और डिस्चार्ज होने के 60 दिन बाद तक का खर्च शामिल है।

आयुष और आधुनिक उपचार: आयुष पद्धति से इलाज पर 100% तक का कवर मिलेगा, जबकि आधुनिक उपचारों के लिए अतिरिक्त राइडर का विकल्प भी उपलब्ध है।

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