सावधान : बिना डॉक्टरी सलाह के पैरासिटामॉल लेना लीवर के लिए हो सकता है घातक

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। पैरासिटामॉल एक ऐसी दवा है जो भारतीय घरों के ‘फर्स्ट एड बॉक्स’ में सबसे आम है। बुखार हो या शरीर में हल्का दर्द, लोग अक्सर बिना सोचे-समझे इसका सेवन कर लेते हैं। सस्ती और आसानी से उपलब्ध होने के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इसका इस्तेमाल करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह आदत आपके लीवर को गंभीर रूप से बीमार कर सकती है?
क्या कहता है वैज्ञानिक शोध?
विभिन्न अंतरराष्ट्रीय शोधों में यह बात सामने आई है कि पैरासिटामॉल का अनियंत्रित सेवन लीवर की कोशिकाओं (cells) को सीधा नुकसान पहुँचाता है।
एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दवा के रसायनों का लीवर के ऊतकों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
ब्रिटेन और अमेरिका में हुए अध्ययनों के मुताबिक, ‘एक्यूट लीवर फेलियर’ (लीवर का अचानक काम बंद करना) का सबसे बड़ा कारण पैरासिटामॉल और एसिटामिलोफिन जैसी दवाओं की ओवरडोज है।
आखिर लीवर को नुकसान कैसे पहुँचता है?
चिकित्सकों के अनुसार, पैरासिटामॉल अपने आप में लीवर के लिए जहर नहीं है। समस्या तब शुरू होती है जब शरीर इसे तोड़ता है। इस प्रक्रिया में NAPQI नामक एक हानिकारक तत्व बनता है।
जब हम अधिक मात्रा में दवा लेते हैं, तो यह तत्व लीवर में मौजूद सुरक्षात्मक ‘ग्लूटाथियोन’ को खत्म कर देता है और सीधे लीवर की कोशिकाओं पर हमला कर देता है।
किन स्थितियों में बढ़ जाता है खतरा?
डॉक्टरों का मानना है कि पैरासिटामॉल इन परिस्थितियों में सबसे ज्यादा जोखिम भरा हो जाता है:
ओवरडोज: निर्धारित मात्रा से अधिक गोलियां खाना।
शराब का सेवन: यदि आप नियमित शराब पीते हैं, तो पैरासिटामॉल का हल्का डोज भी लीवर को डैमेज कर सकता है।
लंबे समय तक इस्तेमाल: बिना डॉक्टरी परामर्श के कई दिनों तक लगातार दवा लेना।
दवाओं का मिश्रण: कुछ अन्य दवाओं के साथ इसे लेने से शरीर में टॉक्सिसिटी (विषाक्तता) बढ़ जाती है।
कितनी खुराक है सुरक्षित?
विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क को 24 घंटे के भीतर 4 ग्राम (यानी 500mg की 8 टैबलेट) से अधिक दवा कभी नहीं लेनी चाहिए। हालांकि, सुरक्षित रहने के लिए हमेशा डॉक्टर से अपनी स्थिति के अनुसार खुराक पूछना ही सबसे बेहतर विकल्प है।
निष्कर्ष: पैरासिटामॉल एक प्रभावी दवा है, लेकिन इसे ‘कैंडी’ की तरह इस्तेमाल करना जानलेवा हो सकता है। दर्द होने पर दवा के बजाय पहले उसके कारण को समझें और पेशेवर सलाह लें।
















