छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में जल क्रांति : 32 लाख ग्रामीण घरों तक पहुँचा शुद्ध पेयजल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में ‘जल जीवन मिशन’ के माध्यम से जीवन स्तर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। नवा रायपुर के संवाद ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राज्य में पेयजल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और मिशन की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा साझा किया।

उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार का मुख्य संकल्प हर ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और निरंतर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है, ताकि छत्तीसगढ़ जल्द ही पूर्ण ‘हर घर जल’ राज्य का दर्जा हासिल कर सके।

मिशन की प्रमुख उपलब्धियाँ और प्रगति

उपमुख्यमंत्री ने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि राज्य में नल कनेक्शनों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है:

व्यापक विस्तार: मिशन की शुरुआत से पहले राज्य में मात्र 3.19 लाख घरों में नल कनेक्शन थे। वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 40.87 लाख से अधिक हो गई है।

लाभार्थी: अब तक प्रदेश के 32 लाख ग्रामीण घरों में नल के जरिए स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा चुकी है।

गाँवों की स्थिति: कुल 6,572 गाँवों में शत-प्रतिशत कनेक्शन का लक्ष्य पूरा हो चुका है। इनमें से 5,564 गाँवों को ‘हर घर जल’ घोषित किया गया है, जिनमें से 4,544 गाँवों का प्रमाणीकरण भी पूर्ण है। पिछले दो वर्षों में प्रमाणित गाँवों की संख्या में 750% का उछाल आया है।

गुणवत्ता और पारदर्शिता पर कड़ा रुख

श्री साव ने स्पष्ट किया कि जल आपूर्ति की गुणवत्ता और कार्यों की पारदर्शिता में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने बताया कि:

कठोर कार्रवाई: खराब कार्य करने वाले ठेकेदारों और फर्मों पर बीते दो वर्षों में 28.38 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

ब्लैकलिस्टिंग: 629 अनुबंधों को रद्द किया गया है और 11 दोषी फर्मों को काली सूची (Blacklist) में डाल दिया गया है।

निगरानी: गुणवत्ता जांच के लिए राज्य में 77 प्रयोगशालाएं सक्रिय हैं, जिनमें से 47 को NABL से मान्यता प्राप्त है।

भविष्य की कार्ययोजना

सरकार ने आगामी समय के लिए ठोस लक्ष्य निर्धारित किए हैं:

शेष कनेक्शन: बचे हुए लगभग 8 लाख घरों तक नल कनेक्शन पहुँचाना।

अधूरी योजनाएं: 21,000 से अधिक लंबित परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करना।

पंचायत हस्तांतरण: 24,000 ग्रामीण जल योजनाओं का संचालन पंचायतों को सौंपना ताकि स्थानीय स्तर पर प्रबंधन बेहतर हो सके।

मानव संसाधन का सुदृढ़ीकरण

विभाग को और अधिक सक्षम बनाने के लिए पिछले दो वर्षों में 403 नए पदों का सृजन किया गया है और 213 नियुक्तियां की गई हैं। साथ ही, विभागीय कर्मचारियों की पदोन्नति और वेतनमान संबंधी लंबित मामलों का भी त्वरित निराकरण किया गया है।

सहायता केंद्र: पेयजल से जुड़ी किसी भी शिकायत के समाधान के लिए नागरिक टोल-फ्री नंबर 1800-233-0008 पर संपर्क कर सकते हैं।

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