मासिक धर्म का अत्यधिक दर्द : कहीं ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं?

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। अक्सर महिलाओं को मासिक धर्म (पीरियड्स) के दौरान पेट के निचले हिस्से, कमर और पैरों में ऐंठन या दर्द का अनुभव होता है। चिकित्सा की भाषा में इसे डिस्मेनोरिया कहा जाता है। हालांकि हल्का दर्द होना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन यदि यह असहनीय हो जाए और आपकी दिनचर्या को प्रभावित करने लगे, तो इसे केवल ‘सामान्य दर्द’ समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
पीरियड्स में दर्द क्यों होता है?
पीरियड्स के दौरान गर्भाशय की मांसपेशियां संकुचित होती हैं। इस प्रक्रिया में प्रोस्टाग्लैंडिंस (Prostaglandins) नामक हार्मोन जैसी भूमिका निभाने वाले रसायन निकलते हैं।
इन रसायनों का स्तर जितना अधिक होगा, दर्द और ऐंठन उतनी ही तीव्र होगी।
यह हार्मोन ओव्यूलेशन और प्रजनन चक्र के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी अधिकता कष्टदायक हो सकती है।
कब सतर्क होना जरूरी है?
यदि आपको दर्द निवारक दवाओं (Painkillers) का अत्यधिक सेवन करना पड़ रहा है या दर्द समय के साथ बढ़ता जा रहा है, तो यह आपकी प्रजनन क्षमता (Fertility) से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है। विशेषकर यदि आप गर्भधारण की योजना बना रही हैं, तो दर्द को अनदेखा करने के बजाय डॉक्टर से परामर्श करना ही समझदारी है।
इन 4 गंभीर बीमारियों का हो सकता है खतरा
अत्यधिक दर्द के पीछे कुछ छिपी हुई स्वास्थ्य स्थितियां हो सकती हैं:
बीमारी,प्रभाव,प्रजनन क्षमता पर असर
एंडोमेट्रियोसिस,गर्भाशय के ऊतक बाहर फैलने लगते हैं।,बांझपन का एक मुख्य कारण बन सकता है।
फाइब्रॉइड्स,गर्भाशय में गांठें या ट्यूमर का बनना।,गर्भपात का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
एडेनोमायोसिस,गर्भाशय की दीवारें मोटी हो जाती हैं।,अत्यधिक रक्तस्राव और बेचैनी पैदा करता है।
पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID),प्रजनन अंगों में संक्रमण।,फैलोपियन ट्यूब में रुकावट पैदा कर सकता है।
निष्कर्ष और सलाह
पीरियड्स का दर्द केवल शारीरिक कष्ट नहीं, बल्कि आपके शरीर का एक संदेश भी हो सकता है। यदि दर्द के साथ आपको भारी ब्लीडिंग या चक्कर आने जैसी समस्या हो, तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से संपर्क करें।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी उपचार या सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
















