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पीरियड्स में अत्यधिक दर्द : सामान्य लक्षण या किसी बीमारी का संकेत?

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। ज्यादातर महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पेट के निचले हिस्से, कमर और पैरों में दर्द या ऐंठन महसूस होती है, जिसे मेडिकल भाषा में ‘डिस्मेनोरिया’ कहा जाता है। आमतौर पर यह दर्द हल्का होता है और 2-3 दिनों में ठीक हो जाता है। लेकिन यदि यह दर्द असहनीय हो जाए और आपकी दैनिक दिनचर्या को प्रभावित करने लगे, तो इसे केवल ‘नॉर्मल’ समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

दर्द का मुख्य कारण: प्रोस्टाग्लैंडिंस (Prostaglandins)

पीरियड्स के दौरान गर्भाशय की परत से प्रोस्टाग्लैंडिंस नामक हार्मोन जैसा रसायन निकलता है। इसका काम गर्भाशय की मांसपेशियों में संकुचन (Contractions) पैदा करना है ताकि गर्भाशय की परत बाहर निकल सके।

नियम: शरीर में इस हार्मोन का स्तर जितना अधिक होगा, दर्द और ऐंठन उतनी ही तेज होगी।

प्रभाव: अधिक संकुचन के कारण आसपास की रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है और दर्द बढ़ जाता है।

जब दर्द सामान्य न हो: गंभीर बीमारियों के संकेत

अगर आपको हर महीने बहुत ज्यादा तकलीफ होती है, तो यह निम्नलिखित स्थितियों के कारण हो सकता है:

एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis): इसमें गर्भाशय के अंदर पाए जाने वाले ऊतक गर्भाशय के बाहर (जैसे ओवरी या फैलोपियन ट्यूब पर) बढ़ने लगते हैं। यह न केवल गंभीर दर्द पैदा करता है, बल्कि बांझपन (Infertility) का भी एक बड़ा कारण है।

फाइब्रॉइड्स (Uterine Fibroids): ये गर्भाशय की दीवारों पर पनपने वाली गैर-कैंसरकारी गांठें होती हैं। इनके कारण पीरियड्स के दौरान भारी रक्तस्राव और तेज ऐंठन महसूस हो सकती है।

एडेनोमायोसिस (Adenomyosis): इस स्थिति में गर्भाशय की परत के ऊतक गर्भाशय की मांसपेशियों की दीवार में विकसित होने लगते हैं, जिससे गर्भाशय सूज जाता है और दर्द बढ़ जाता है।

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID): यह प्रजनन अंगों में होने वाला एक संक्रमण है, जो अक्सर बैक्टीरिया के कारण होता है। इसके कारण प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है और फैलोपियन ट्यूब में रुकावट आ सकती है।

डॉक्टर से परामर्श कब लें?

आपको विशेषज्ञ की सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए यदि:

दर्द निवारक दवाओं (Painkillers) का भी असर न हो रहा हो।

दर्द के कारण आप स्कूल, कॉलेज या ऑफिस जाने में असमर्थ हों।

पीरियड्स खत्म होने के बाद भी पेल्विक एरिया में दर्द बना रहे।

आपको गर्भधारण करने में समस्या आ रही हो।

महत्वपूर्ण नोट: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी दवा या उपचार को अपनाने से पहले अपनी स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से जांच जरूर करवाएं।

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