राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बस्तर दौरा : ‘बस्तर पंडुम’ के भव्य आयोजन में होंगी मुख्य अतिथि

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक वैभव को देखने और जनजातीय परंपराओं को सम्मान देने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आगामी 7 फरवरी को जगदलपुर आ रही हैं। एक दिवसीय प्रवास के दौरान वे संभाग स्तरीय प्रतिष्ठित कार्यक्रम ‘बस्तर पंडुम’ में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई हैं।
तैयारियों का जायजा और सुरक्षा समीक्षा
राष्ट्रपति के दौरे की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव विकास शील ने मंत्रालय में उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में सुरक्षा प्रबंधों, प्रोटोकॉल, चिकित्सा व्यवस्था और परिवहन सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा बैठक: मुख्य सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आयोजन में किसी भी प्रकार की चूक न हो।
प्रशासनिक तालमेल: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर और रायपुर के जिला कलेक्टरों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर सभी इंतजाम पुख्ता रहें।
क्या है ‘बस्तर पंडुम’?
बस्तर की समृद्ध संस्कृति को संजोने वाला यह तीन दिवसीय आयोजन 6 से 8 फरवरी तक जगदलपुर में चलेगा। यह उत्सव ग्रामीण और जिला स्तर से होते हुए अब संभागीय स्तर पर पहुँच रहा है, जहाँ बेहतरीन कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
इस बार के मुख्य आकर्षण: इस वर्ष उत्सव का दायरा बढ़ाते हुए विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 कर दी गई है। इनमें प्रमुख हैं:
जनजातीय लोक नृत्य एवं संगीत
पारंपरिक वाद्ययंत्र और वेशभूषा
आंचलिक साहित्य और चित्रकला
पारंपरिक व्यंजन और पेय पदार्थ
वन-औषधि और हस्तशिल्प का प्रदर्शन
यह कार्यक्रम न केवल बस्तर की कला को मंच प्रदान करेगा, बल्कि राष्ट्रपति की उपस्थिति से स्थानीय कलाकारों का उत्साहवर्धन भी होगा।
















