छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप बनेगी विशेष कृषि नीति : शिवराज सिंह चौहान

रायपुर। छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने एक बड़ा साझा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि राज्य की विशिष्ट जलवायु और मिट्टी (एग्रोक्लाइमेट) की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक विशेष कृषि नीति तैयार की जाएगी।
इस नई योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए केंद्र के शीर्ष कृषि वैज्ञानिकों और राज्य के अधिकारियों का एक संयुक्त दल अगले सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में महानदी भवन में हुई इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
फसल विविधीकरण (Crop Diversification): किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक फसलों के बजाय बाजार की मांग वाली अन्य फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
मिश्रित खेती पर जोर: छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए उन्हें खेती के साथ-साथ पशुपालन, मछली पालन और वानिकी जैसी गतिविधियों से सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।
व्यावहारिक अनुसंधान: कृषि शोध अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेंगे। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता उन वैज्ञानिक खोजों को दी जाएगी जिनका सीधा लाभ किसानों को उनके खेतों में मिल सके।
संस्थागत मजबूती: प्रदेश में किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा और आधुनिक कृषि उपकरणों का वितरण पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण: > बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली और रायपुर के बीच का यह तालमेल ग्रामीण विकास की गति को तेज कर रहा है, जिसका सीधा असर राज्य के अन्नदाताओं की खुशहाली पर पड़ेगा।
















