छत्तीसगढ़ में खेती और गाँव की तरक्की को लगे पंख : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

रायपुर। छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि परिदृश्य में आ रहे बड़े बदलावों को केंद्र सरकार ने सराहा है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में राज्य के विकास कार्यों की समीक्षा की और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रही योजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
खेती में विविधीकरण: ‘धान का कटोरा’ अब फल-सब्जियों का केंद्र
समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी पारंपरिक पहचान ‘धान का कटोरा’ से आगे बढ़कर अब बागवानी के क्षेत्र में भी नाम कमा रहा है। राज्य में फल और सब्जियों के बढ़ते उत्पादन ने किसानों की आय के नए स्रोत खोल दिए हैं। यह परिवर्तन न केवल किसानों की कड़ी मेहनत को दर्शाता है, बल्कि राज्य सरकार की बेहतर नीतियों का भी प्रमाण है।
ग्रामीण आवास: 18 लाख से अधिक परिवारों का ‘पक्के घर’ का सपना पूरा
ग्रामीण विकास पर जोर देते हुए चौहान ने आवास योजनाओं के प्रभावशाली आंकड़े साझा किए:
पीएम आवास योजना: बीते 18 महीनों में राज्य के लिए 18,12,742 पक्के मकानों की मंजूरी दी गई है।
विशेष श्रेणियाँ: नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए 15,000 और ‘पीएम जनमन’ योजना के तहत 33,000 अतिरिक्त घरों का प्रावधान किया गया है।
संकल्प: सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी निर्धन परिवार कच्चे मकान में रहने को मजबूर न हो।
बुनियादी ढांचा: सड़कों का बिछा जाल
कनेक्टिविटी को लेकर जानकारी दी गई कि ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों की सूरत बदली जा रही है। अब तक राज्य में लगभग 47,847 किलोमीटर लंबी सड़कों (10,199 प्रोजेक्ट्स) को स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें से अधिकतर का कार्य संपन्न हो गया है।
“केंद्र और राज्य के बेहतर तालमेल से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि विकास की किरण समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।” — विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
















