सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों ऐंठने वाला फार्मासिस्ट चढ़ा पुलिस के हत्थे

बस्तर। जगदलपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक सरकारी कर्मचारी को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। आरोपी ने खुद को रसूखदार बताकर आश्रम अधीक्षक के पद पर नियुक्ति कराने के नाम पर 10 लाख रुपये की मोटी रकम वसूली थी।
झूठे प्रभाव और रिश्तों का दिया झांसा
मामला बोधघाट थाना क्षेत्र का है, जहाँ कुम्हारपारा के रहने वाले अनंत राम कश्यप ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार, उनकी पहचान राजनांदगांव निवासी प्रमोद सिंह भार्गव से थी, जो कोंडागांव में फार्मासिस्ट के तौर पर कार्यरत था। आरोपी ने प्रार्थी को विश्वास में लेने के लिए अपने साले को ‘व्यापम’ का बड़ा अधिकारी बताया और दावा किया कि वह उसकी बेटी और भांजी को आश्रम अधीक्षक बनवा देगा।
किस्तों में ली 10 लाख की राशि
नौकरी के सुनहरे सपने दिखाकर आरोपी ने पीड़ित से समय-समय पर कुल 10 लाख रुपये ऐंठ लिए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब नियुक्तियां नहीं हुईं और आरोपी पैसे लौटाने में आनाकानी करने लगा, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने कानून की मदद ली।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को कोंडागांव से अपनी हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
गिरफ्तारी: 31 जनवरी 2026
धाराएं: धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज
परिणाम: आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे नौकरी दिलाने वाले बिचौलियों के झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया पर ही भरोसा करें।
















