छत्तीसगढ़

ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा : राज्यपाल रमेन डेका का भविष्यवादी आह्वान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने रविवार को ‘संरक्षण क्षमता महोत्सव’ (सक्षम 2025-26) का विधिवत शुभारंभ किया। 1 से 14 फरवरी तक चलने वाले इस राज्य स्तरीय अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को पेट्रोलियम पदार्थों के सीमित उपयोग और ऊर्जा बचत के प्रति जागरूक करना है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनियों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने प्रकृति और प्रगति के बीच संतुलन को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताया।

प्रकृति के साथ सामंजस्य ही असली विकास

राज्यपाल ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि मानव सभ्यता की उन्नति ऊर्जा संसाधनों पर टिकी है, लेकिन इनका अनियंत्रित दोहन आने वाली पीढ़ियों के लिए संकट पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा:

सतत विकास: हमें विकास की ऐसी राह चुननी होगी जहाँ प्रकृति को नुकसान न पहुँचे।

मौलिक अधिकार: शुद्ध वायु और जल हर व्यक्ति का अधिकार है, जिसे सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।

जीवनशैली में बदलाव: जागरूकता केवल नारों तक सीमित न रहे, बल्कि यह हमारी आदतों का हिस्सा बननी चाहिए।

पर्यावरण और स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा

राज्यपाल ने आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न गंभीर खतरों, जैसे माइक्रो-प्लास्टिक और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने स्वास्थ्य से जुड़े एक डरावने तथ्य का उल्लेख करते हुए बताया कि माइक्रो-प्लास्टिक अब मानव शरीर के सबसे संवेदनशील हिस्सों तक पहुँच चुका है। उन्होंने जोर दिया कि प्रकृति को बचाने के लिए शिक्षा और जन-भागीदारी अनिवार्य है।

ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर जोर

भविष्य की चुनौतियों का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल-डीजल) सीमित हैं। प्रदूषण कम करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए हमें ग्रीन एनर्जी और सौर ऊर्जा की ओर तेजी से कदम बढ़ाने होंगे। उन्होंने बिजली की बर्बादी रोकने के लिए हर नागरिक को सजग रहने की सलाह दी।

जल संरक्षण और वृक्षारोपण का संदेश

छत्तीसगढ़ के संदर्भ में बात करते हुए राज्यपाल डेका ने गिरते भू-जल स्तर पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने निम्नलिखित सुझाव दिए:

जल संचय: बड़े किसान खेतों में डबरी (छोटे तालाब) बनाकर जल संरक्षण में योगदान दें।

तालाबों का पुनरुद्धार: पुराने जल निकायों को फिर से जीवित करने की आवश्यकता है।

एक पेड़ माँ के नाम: उन्होंने पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के लिए हर व्यक्ति से वृक्षारोपण की अपील की।

कार्यक्रम का विवरण: समारोह की शुरुआत इंडियन ऑयल के राज्य समन्वयक नितिन चव्हाण के स्वागत भाषण से हुई, जबकि धन्यवाद ज्ञापन हिंदुस्तान पेट्रोलियम के नितिन श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में गेल (GAIL), भारत पेट्रोलियम और अन्य तेल कंपनियों के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में छात्र और नागरिक उपस्थित रहे।

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