बजट 2026 : विकसित भारत की नींव और नारी शक्ति का नया अध्याय : मंत्री राजवाड़े

रायपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इसे देश के भविष्य के लिए एक ‘मील का पत्थर’ बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल समावेशी विकास का रोडमैप है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने वाला है।
राजवाड़े ने बजट की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए इसे समाज के चार मुख्य स्तंभों—गरीब, किसान, युवा और महिला—के उत्थान का माध्यम बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्यमिता को प्राथमिकता देकर सरकार ने एक सशक्त और स्वस्थ राष्ट्र की कल्पना को साकार किया है।
महिला सशक्तिकरण की नई दिशा
मंत्री राजवाड़े ने विशेष रूप से महिलाओं के लिए की गई घोषणाओं का स्वागत किया:
सुरक्षित आवास: देश के प्रत्येक जिले में महिला छात्रावासों (Work-life Accommodation) के निर्माण से कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा। इससे श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
लखपति दीदी योजना: इस कार्यक्रम के दायरे को बढ़ाने से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब केवल आजीविका तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि छोटे उद्योगों की स्वामी बनकर उभरेंगी।
कौशल और नवाचार: स्टार्टअप और कौशल प्रशिक्षण पर निवेश से युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
अंत्योदय का संकल्प
श्रीमती राजवाड़े के अनुसार, यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के मूल मंत्र का प्रतिबिंब है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन कल्याणकारी योजनाओं से समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को आर्थिक मजबूती मिलेगी और भारत तेजी से एक ‘विकसित राष्ट्र’ बनने की दिशा में कदम बढ़ाएगा।
















