शिक्षित समाज ही सशक्त राष्ट्र का आधार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नारायणपुर। नारायणपुर स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम के इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने जीवन में शिक्षा की अपरिहार्यता पर ज़ोर देते हुए कहा कि विद्या के बिना मनुष्य का जीवन पूर्ण नहीं हो सकता। उन्होंने रेखांकित किया कि शिक्षा न केवल व्यक्ति को शोषण से बचाती है, बल्कि उसे विवेकपूर्ण निर्णय लेने और प्रगति के पथ पर अग्रसर होने में भी सक्षम बनाती है।
विद्यार्थियों के लिए सफलता का मंत्र
मुख्यमंत्री ने छात्रों को एकाग्रता के साथ अध्ययन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक के माध्यम से एक आदर्श विद्यार्थी के पाँच अनिवार्य लक्षणों का उल्लेख किया:
काकचेष्टा: कौवे जैसी चेष्टा।
बको ध्यानं: बगुले जैसा ध्यान।
श्वाननिद्रा: कुत्ते जैसी सजग नींद।
अल्पहारी: आवश्यकतानुसार भोजन।
गृहत्यागी: सुख-सुविधाओं का त्याग कर लक्ष्य पर ध्यान।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करें और देश की उन्नति में अपना योगदान दें।
शिक्षा के लिए सरकारी प्रयास और सहायता
श्री साय ने आश्वस्त किया कि आर्थिक तंगी कभी भी किसी मेधावी छात्र के भविष्य में बाधा नहीं बनेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला:
छात्रवृत्ति और छात्रावास: विद्यार्थियों के रहने और पढ़ाई के लिए विशेष प्रबंध।
प्रोत्साहन राशि: प्रतिभाशाली छात्रों को आर्थिक सहायता।
शिक्षा ऋण: उच्च शिक्षा के लिए सुलभ लोन की व्यवस्था।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी: ‘नालंदा परिसर’ जैसे केंद्रों के माध्यम से युवाओं को तैयार करना।
रामकृष्ण मिशन के सेवा कार्यों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में पिछले 40 वर्षों से सेवा दे रहे रामकृष्ण मिशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में मिशन का योगदान अतुलनीय है। मिशन ने उन इलाकों तक विकास की रोशनी पहुँचाई है जहाँ पहुँचना कभी असंभव माना जाता था।
बदलते बस्तर की नई तस्वीर
क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब माओवाद का प्रभाव कम हो रहा है और विकास की गति तेज हुई है। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के माध्यम से लगभग 400 गाँवों में बुनियादी सुविधाएँ जैसे बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य कार्ड (आयुष्मान, आधार) पहुँचाए जा रहे हैं।
सकारात्मक सोच ही प्रगति की कुंजी: राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए अच्छी संगति और उत्कृष्ट साहित्य के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि ईश्वर प्रदत्त क्षमताओं का सही दिशा में उपयोग ही भविष्य को उज्ज्वल बनाता है।
















