छत्तीसगढ़

मांगों पर अड़े रसोइयों पर पुलिसिया कार्रवाई, FIR दर्ज होने से बढ़ा तनाव

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) रसोइयों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। रायपुर के अभनपुर थाने में लगभग 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। उन पर चक्काजाम करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का आरोप है। इस कानूनी कार्रवाई की खबर मिलते ही धरना दे रहे रसोइयों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।

आंदोलन की पृष्ठभूमि और मुख्य मांगें

प्रदेश के करीब 87 हजार रसोइया पिछले एक महीने से अधिक समय से काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। रायपुर के तूता धरना स्थल पर 29 दिसंबर 2025 से जारी इस विरोध प्रदर्शन के पीछे रसोइया संयुक्त संघ की तीन प्रमुख मांगें हैं:

उचित मानदेय: रसोइयों को वर्तमान मानदेय के स्थान पर कलेक्टर दर पर भुगतान किया जाए।

वादे की पूर्ति: सरकार द्वारा पूर्व में किए गए 50% मानदेय वृद्धि के वादे को तत्काल लागू किया जाए।

रोजगार की सुरक्षा: छात्रों की कम संख्या के आधार पर रसोइयों की छंटनी बंद हो और अंशकालीन कर्मियों को पूर्णकालिक दर्जा दिया जाए।

मौत की खबरों पर विभाग का स्पष्टीकरण

हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में दो रसोइयों की मौत की खबर वायरल हुई थी, जिससे हड़कंप मच गया था। हालांकि, लोक शिक्षण संचालनालय ने इन खबरों का खंडन करते हुए इन्हें ‘भ्रामक’ और ‘तथ्यहीन’ बताया है। विभाग के अनुसार, उन रसोइयों की मृत्यु का धरना स्थल की परिस्थितियों से कोई सीधा संबंध नहीं है।

रसोइया संघ का रुख

एफआईआर दर्ज होने के बाद संघ के सदस्यों ने कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि दमनकारी नीतियों से उनकी आवाज नहीं दबेगी और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।

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