छत्तीसगढ़

रायपुर में भक्ति की अविरल धारा : स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने दी नवधा भक्ति की दीक्षा

रायपुर। राजधानी रायपुर में आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हुए श्री सीमेंट लिमिटेड द्वारा दो दिवसीय विशेष सत्संग का आयोजन किया गया। 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचनों से भक्तों को ‘नवधा भक्ति’ के मार्ग से परिचित कराया।

क्या है नवधा भक्ति?

महाराज श्री ने रामायण और श्रीमद्भागवत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि भक्ति के नौ स्वरूप (श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पादसेवन, अर्चन, वंदन, दास्य, सख्य और आत्म-निवेदन) मनुष्य को ईश्वर से जोड़ने की सीढ़ियाँ हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

ईश्वर तक पहुँचने का कोई एक तय रास्ता नहीं है।

भक्त अपनी प्रकृति के अनुसार इनमें से किसी भी मार्ग को चुनकर आध्यात्मिक पूर्णता प्राप्त कर सकता है।

निःस्वार्थ सेवा और समर्पण ही सच्चे धर्म की आधारशिला है।

श्री सीमेंट की सामाजिक पहल की सराहना

सत्संग के दौरान स्वामी जी ने श्री सीमेंट के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में लोक-कल्याणकारी संदेश पहुँचते हैं। उन्होंने कंपनी को सांस्कृतिक चेतना जागृत करने के लिए साधुवाद दिया।

वहीं, श्री सीमेंट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज अखौरी ने महाराज श्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन के नैतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का एक माध्यम रही। उनके अनुसार, भगवान राम के आदर्श आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे।

इस दो दिवसीय समागम ने रायपुर के नागरिकों के बीच न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा भरी, बल्कि सामाजिक समरसता और व्यक्तिगत विकास का एक नया विज़न भी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती और शांति पाठ के साथ हुआ।

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