रतनपुर का कायाकल्प : धार्मिक पर्यटन और आधुनिक सुविधाओं से सजेगी महामाया की नगरी

रतनपुर। छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास की साक्षी रही धार्मिक नगरी रतनपुर अब एक नए स्वरूप में नजर आएगी। राज्य के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने रतनपुर को एक भव्य धार्मिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का संकल्प दोहराया है।
1 फरवरी को आयोजित ‘माघी पूर्णिमा एवं आदिवासी विकास मेला-2026’ के उद्घाटन समारोह में पहुंचे श्री साव ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर के प्रमुख तीर्थस्थलों का जीर्णोद्धार हो रहा है, उसी तर्ज पर रतनपुर को भी संवारा जाएगा।
विकास कार्यों के लिए मिली करोड़ों की सौगात
क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उप मुख्यमंत्री ने वित्तीय सहायता की घोषणा की:
भव्य ऑडिटोरियम: सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्थानीय आयोजनों के लिए 2 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा।
नगर पालिका सुदृढ़ीकरण: नगर पालिका भवन की सुरक्षा और सौंदर्यीकरण हेतु 20 लाख रुपये की राशि बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए स्वीकृत की गई है।
सरोवरों का संरक्षण: रतनपुर के ऐतिहासिक तालाबों के संरक्षण और उनके सौंदर्यीकरण के लिए भी विशेष योजना पर कार्य शुरू हो चुका है।
ऐतिहासिक गरिमा की पुनर्स्थापना
उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रतनपुर केवल एक शहर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की प्राचीन राजधानी और आस्था का केंद्र है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मां महामाया के आशीर्वाद से इस नगर की वैश्विक ख्याति के अनुरूप यहाँ विकास कार्य किए जाएंगे ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव मिल सके।
इस गरिमामय अवसर पर क्षेत्रीय विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री लवकुश कश्यप सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
















