शराब घोटाला केस : एक साल बाद जेल से रिहा हुए पूर्व मंत्री कवासी लखमा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद, वे बुधवार को रायपुर जेल से बाहर आ गए। लगभग एक साल और 20 दिन सलाखों के पीछे बिताने के बाद बाहर निकले लखमा का उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया।
“सत्य की जीत होगी”: जेल से निकलते ही बोले लखमा
जेल से बाहर आते ही कवासी लखमा ने न्यायपालिका के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा:
न्याय पर अटूट विश्वास: “मुझे देश की न्यायपालिका और सर्वोच्च न्यायालय पर पूरा भरोसा है। एक साल से अधिक समय बाद मुझे रिहाई मिली है।”
बस्तर की आवाज: उन्होंने खुद को जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ने वाला सिपाही बताया और कहा कि वे बस्तर के हितों की रक्षा करते रहेंगे।
नेताओं का आभार: लखमा ने जेल में रहने के दौरान उनका हौसला बढ़ाने के लिए राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, भूपेश बघेल और दीपक बैज समेत अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को धन्यवाद दिया।
किन शर्तों पर मिली है राहत?
सुप्रीम कोर्ट ने लखमा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और ईओडब्ल्यू (EOW) दोनों मामलों में जमानत दी है, लेकिन इसके साथ कुछ कड़ी शर्तें भी लागू की गई हैं:
राज्य से बाहर निवास: जमानत की अवधि के दौरान उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से बाहर रहना होगा।
दस्तावेज जमा करना: उन्हें अपना पासपोर्ट, मोबाइल नंबर और वर्तमान निवास का पता संबंधित थाने में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।
जांच में सहयोग: वे मामले से जुड़े किसी भी गवाह या सबूत को प्रभावित नहीं कर सकेंगे।
कवासी लखमा की मुश्किलें साल 2025 की शुरुआत में बढ़ी थीं। उन पर आबकारी मंत्री रहते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे:
ED की कार्रवाई: प्रवर्तन निदेशालय ने 15 जनवरी 2025 को उन्हें गिरफ्तार किया था। ED का दावा था कि इस घोटाले में करोड़ों रुपयों का अवैध लेन-देन हुआ है।
EOW की चार्जशीट: राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने अप्रैल 2025 में उन्हें हिरासत में लिया और 1100 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें लगभग 64 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का जिक्र किया गया था।
हाई कोर्ट से मिला था झटका: इससे पहले 12 सितंबर 2025 को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
लखमा ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में जांच पूरी होने पर वे निर्दोष साबित होंगे।
















