बिज़नेस

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता : कृषि और डेयरी सेक्टर सुरक्षित, निर्यात को मिलेगी नई उड़ान

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत और अमेरिका के आर्थिक रिश्तों में एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। दोनों देशों ने एक अंतरिम व्यापार समझौते के ब्लूप्रिंट को मंजूरी दे दी है। यह कदम न केवल दोनों महाशक्तियों के बीच व्यापारिक तनाव को कम करेगा, बल्कि एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

किसानों और एमएसएमई (MSME) के लिए नए अवसर

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तैयार किया गया यह फ्रेमवर्क भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिका के 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल बाजार के दरवाजे खोल देगा।

रोजगार सृजन: निर्यात बढ़ने से विशेषकर महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए अवसर पैदा होंगे।

टैरिफ में कटौती: अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ को घटाकर 18% करेगा। इससे कपड़ा, चमड़ा, फुटवियर और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।

जीरो टैरिफ: जेनेरिक दवाओं, रत्नों, आभूषणों और विमान के पुर्जों जैसे उत्पादों पर अब कोई टैरिफ नहीं लगेगा, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी।

कृषि और डेयरी सेक्टर को ‘सुरक्षा कवच’

भारत ने अपनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया है। समझौते के तहत संवेदनशील उत्पादों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है, जिनमें शामिल हैं:

डेयरी उत्पाद: दूध, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पाद।

खाद्यान्न: चावल, गेहूं, मक्का और सोया।

अन्य: पोल्ट्री, मांस, तंबाकू और एथेनॉल।

ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला

हालिया कूटनीतिक वार्ताओं के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीद के कारण लगाए गए 25% दंडात्मक टैरिफ को हटाने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

बदलाव की शर्त: रिपोर्टों के अनुसार, भारत ने रूसी तेल पर निर्भरता कम करने और अमेरिका व वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके बदले में अमेरिका भारतीय सामानों पर लगने वाले 50% तक के टैरिफ को घटाकर 18% पर ले आया है।

क्षेत्र,भारत की ओर से रियायतें,अमेरिका की ओर से रियायतें

खाद्य और कृषि,”मेवे, फल, वाइन और सोया तेल पर टैरिफ में कमी।”,भारतीय कपड़ा और रसायनों पर टैरिफ 25% से घटकर 18%।
औद्योगिक,अमेरिकी विमानों और ऊर्जा उत्पादों की खरीद में वृद्धि।,भारतीय विमान पुर्जों पर से टैरिफ पूरी तरह हटा।
तकनीक,डेटा सेंटर कंपोनेंट्स और टेक-गुड्स में सहयोग।,ऑटो पार्ट्स के लिए प्राथमिकता कोटा (Priority Quota)।

आगे की राह: दोनों देशों का लक्ष्य मार्च तक इस औपचारिक समझौते पर अंतिम मुहर लगाना है। भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से लगभग 500 अरब डॉलर मूल्य की ऊर्जा, तकनीक और विमान खरीदने का लक्ष्य रखा है, जो दोनों देशों के बीच के भरोसे को और मजबूत करेगा।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button