शरीर में दिखें ये बदलाव तो भूलकर भी न करें इग्नोर, हड्डियां कमजोर होने का हो सकता है संकेत

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। हड्डियों की मजबूती हमारे समग्र स्वास्थ्य का आधार है, लेकिन आधुनिक जीवनशैली और पोषण की कमी के कारण ‘ऑस्टियोपोरोसिस’ जैसी समस्याएं अब कम उम्र में भी दिखने लगी हैं। अक्सर हमारा शरीर हड्डियों के कमजोर होने के शुरुआती संकेत देता है, जिन्हें हम सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
यहाँ हड्डियों की कमजोरी के कुछ प्रमुख लक्षण दिए गए हैं जिन्हें पहचानना बेहद जरूरी है:
हड्डियों की कमजोरी के मुख्य संकेत
- मसूड़ों का ढीला पड़ना
जबड़े की हड्डी हमारे दांतों को सहारा देती है। यदि आपके मसूड़े पीछे हट रहे हैं या दांतों की पकड़ ढीली हो रही है, तो यह जबड़े की हड्डी के घनत्व (Bone Density) में कमी का संकेत हो सकता है।
- पकड़ (Grip) का कमजोर होना
हाथों की पकड़ और हड्डियों की मजबूती के बीच गहरा संबंध है। अगर आपको रोजमर्रा के काम जैसे ढक्कन खोलने या भारी सामान उठाने में दिक्कत हो रही है, तो यह रीढ़ और कलाई की हड्डियों के कमजोर होने का इशारा हो सकता है।
- नाखूनों का बार-बार टूटना
नाखूनों की सेहत सीधे तौर पर शरीर में कैल्शियम और कोलेजन के स्तर को दर्शाती है। यदि आपके नाखून बहुत पतले हो गए हैं या आसानी से टूट जाते हैं, तो समझ लें कि आपकी हड्डियों को अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता है।
- मांसपेशियों में ऐंठन और पुराना दर्द
विटामिन D, कैल्शियम और मैग्नीशियम की कमी से न केवल हड्डियों में, बल्कि मांसपेशियों में भी लगातार दर्द और ऐंठन बनी रहती है। इसे नजरअंदाज करना भविष्य में फ्रैक्चर के जोखिम को बढ़ा सकता है।
- शरीर के पोस्चर में बदलाव
यदि आप नोटिस कर रहे हैं कि आपका शरीर आगे की ओर झुक रहा है या कद में मामूली कमी आई है, तो यह रीढ़ की हड्डी (Spine) के कमजोर होने का लक्षण हो सकता है। इसे अक्सर ‘डोवेजर हंप’ भी कहा जाता है।
- हार्ट रेट का बढ़ना
आमतौर पर दिल की धड़कन का हड्डियों से सीधा संबंध नहीं दिखता, लेकिन शोध बताते हैं कि आराम की स्थिति में भी यदि पल्स रेट 80 प्रति मिनट से अधिक रहती है, तो यह कूल्हे और रीढ़ के फ्रैक्चर के खतरे को बढ़ा सकती है।
- जोड़ों से आवाज आना
उठते-बैठते समय घुटनों या अन्य जोड़ों से ‘चटकने’ की आवाज आना और हड्डियों में घर्षण महसूस होना कमजोर हड्डियों और लुब्रिकेशन की कमी का लक्षण है।
सावधानी: ये लक्षण केवल जानकारी के उद्देश्य से हैं। यदि आप इनमें से किसी भी संकेत को महसूस करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ‘बोन डेंसिटी टेस्ट’ (BMD) पर विचार करें।
















