खाने की इच्छा खत्म होना भी है एक गंभीर समस्या : जानें इसके लक्षण और आसान आयुर्वेदिक उपाय

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। अक्सर हम लोगों को यह कहते सुनते हैं कि “आज भूख नहीं है।” सामान्य तौर पर कभी-कभी ऐसा होना चिंता की बात नहीं है, लेकिन जब यह समस्या लंबी खिंचने लगे, तो इसे चिकित्सा की भाषा में ‘एनोरेक्सिया’ (Anorexia) कहा जाता है। यदि व्यक्ति वजन बढ़ने के डर से या किसी मानसिक कारण से खुद को भूखा रखने लगे, तो यह ‘एनोरेक्सिया नर्वोसा’ नामक एक गंभीर ईटिंग डिसऑर्डर का रूप ले लेता है।
भोजन के प्रति यह अरुचि मानसिक तनाव, पाचन तंत्र की खराबी या किसी पुरानी बीमारी के कारण हो सकती है। अच्छी खबर यह है कि सही जीवनशैली और आयुर्वेदिक नुस्खों की मदद से इसे ठीक किया जा सकता है।
पहचानें एनोरेक्सिया नर्वोसा के लक्षण
इस स्थिति से निपटने के लिए सबसे पहले इसके संकेतों को समझना जरूरी है:
तेजी से वजन कम होना और शारीरिक कमजोरी।
चक्कर आना, थकान और लो ब्लड प्रेशर।
शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)।
कब्ज, उल्टी जैसा महसूस होना और पेट की अन्य समस्याएं।
अकेले रहने की इच्छा (सोशल आइसोलेशन) और अत्यधिक चिंता या डर।
भूख जगाने के प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार
- त्रिकटु चूर्ण का प्रयोग:
समान मात्रा में काली मिर्च, पिप्पली और सोंठ (सूखी अदरक) के मिश्रण को त्रिकटु कहते हैं। यह पाचन अग्नि को प्रज्वलित करता है। आप इसे थोड़े से शहद के साथ मिलाकर पेस्ट बना लें और नियमित सेवन करें।
- अल्फाल्फा (Alfalfa):
यह एक प्राकृतिक जड़ी-बूटी है जो शरीर को पोषण देने और भूख बढ़ाने के लिए जानी जाती है। आप इसकी चाय बनाकर या सप्लीमेंट के रूप में चिकित्सक की सलाह पर ले सकते हैं।
- इलायची का जादू:
इलायची न केवल माउथ फ्रेशनर है, बल्कि यह पाचन तंत्र को भी सक्रिय करती है। भोजन के बाद छोटी इलायची चबाने या खाने में इसका प्रयोग करने से भूख में सुधार होता है।
- हींग का असरदार नुस्खा:
हींग पेट की गैस और अपच को दूर करने का रामबाण इलाज है। आधा कप गुनगुने पानी में चुटकी भर हींग, थोड़ा अदरक का रस, शहद और नींबू मिलाकर पीने से पाचन तंत्र बेहतर होता है और खुलकर भूख लगती है।
जीवनशैली में जरूरी बदलाव
दवाओं के साथ-साथ अपनी आदतों में सुधार करना भी आवश्यक है:
तनाव कम करें: पसंदीदा संगीत सुनें, किताबें पढ़ें और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
भोजन का तरीका: एक बार में बहुत सारा खाने के बजाय दिन भर में छोटे-छोटे अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा पौष्टिक आहार लें।
नींद और धूप: शरीर को रिचार्ज करने के लिए 7-8 घंटे की गहरी नींद लें और सुबह की ताजी धूप में कुछ समय बिताएं।
जंक फूड से परहेज: बाहर के तले-भुने खाने से बचें और घर का बना ताजा भोजन ही करें।
















