मैनपाट महोत्सव : छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को मिला नया आयाम

सरगुजा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ कहे जाने वाले मैनपाट में तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर पहुँचाने की बात कही, बल्कि सरगुजा के विकास के लिए करोड़ों रुपये की सौगातों की झड़ी लगा दी।
विकास की नई इबारत: ₹523 करोड़ के कार्यों का उपहार
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान जिले के सर्वांगीण विकास हेतु 523.20 करोड़ रुपये की लागत वाले 109 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें शामिल हैं:
भूमिपूजन: ₹429.11 करोड़ की लागत के 81 नए कार्य।
लोकार्पण: ₹94.09 करोड़ की लागत के 28 पूर्ण हो चुके कार्य।
विशेष घोषणा: मैनपाट में पर्यटन विस्तार के लिए 1 करोड़ रुपये और सीतापुर में एक आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण का ऐलान।
संस्कृति और अस्मिता का संगम
मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह महोत्सव केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि सरगुजा की समृद्ध अस्मिता और परंपराओं को दुनिया के सामने लाने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने स्थानीय और बाहरी कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलता है।
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर चलते हुए हम एक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए संकल्पित हैं।” — विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
शासन की उपलब्धियों पर डाला प्रकाश
मुख्यमंत्री ने सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि: महतारी वंदन योजना: प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में अब तक 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी जा चुकी है।
सुरक्षा और शांति: दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण बस्तर और सरगुजा के क्षेत्र नक्सलवाद से मुक्त हो रहे हैं। उन्होंने जवानों के साहस की सराहना की।
तिब्बती संस्कृति का सम्मान: कार्यक्रम में तिब्बती समुदाय ने पारंपरिक “ताशी शोपा” नृत्य से मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया, जो मैनपाट की विविधता को दर्शाता है।
पर्यटन और स्वरोजगार पर जोर
पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है, जिससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। वहीं, विधायक श्री राम कुमार टोप्पो और श्री प्रबोध मिंज ने भी महोत्सव को जन-गौरव का प्रतीक बताते हुए विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टालों का निरीक्षण किया और हितग्राहियों को शासन की योजनाओं के तहत सामग्री वितरित की।
















