छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में हाई-टेक पुलिसिंग और बस्तर की शांति : गृह मंत्री विजय शर्मा ने प्रस्तुत किया रिपोर्ट कार्ड

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने हाल ही में नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में मीडिया से चर्चा करते हुए गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख उपलब्धियों का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार नई सोच और आधुनिक तकनीक के साथ प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है।

  1. डिजिटल सुधार और न्याय प्रक्रिया में तेजी

राज्य सरकार ने नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के पांचों स्तंभों (पुलिस, कोर्ट, जेल, फॉरेंसिक और अभियोजन) को एकीकृत किया है।

मॉडल जिले: दुर्ग और बिलासपुर को पायलट प्रोजेक्ट के तहत ‘मॉडल जिले’ के रूप में विकसित किया गया है।

ई-साक्ष्य का प्रभाव: अब ‘ई-साक्ष्य’ के माध्यम से पुलिस को तत्काल डिजिटल साक्ष्य मिल रहे हैं, जिससे जांच में लगने वाला समय कम हुआ है और पुलिस का मनोबल बढ़ा है।

ऑनलाइन निगरानी: ‘अपराध समीक्षा एप्लीकेशन’ के जरिए अब वरिष्ठ अधिकारी एफआईआर की प्रगति और विवेचना की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जिससे जवाबदेही तय हुई है।

  1. पुलिस कर्मियों का कल्याण और सुरक्षा

सरकार ने पुलिस विभाग के कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 8 प्रमुख बैंकों के साथ समझौता (MoU) किया है।

बीमा लाभ: अब बिना किसी प्रीमियम के पुलिस कर्मियों को उनके सैलरी अकाउंट पर बीमा कवर मिल रहा है।

शहीद परिवारों को सहायता: इस योजना के तहत अब तक 15 शहीद जवानों के परिवारों को लगभग 16 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

  1. अवैध प्रवासियों और आंतरिक सुरक्षा पर सख्त रुख

गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

निष्कासन: अब तक 34 विदेशी नागरिकों को चिन्हित कर देश से बाहर भेजा गया है।

एटीएस की सक्रियता: एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) को पूरी तरह क्रियाशील कर दिया गया है, जिसने 2025 में अपनी पहली बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

धर्मांतरण पर रोक: पिछले दो वर्षों में अवैध धर्मांतरण के मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जो सरकार की सख्त निगरानी का परिणाम है।

  1. गौवंश संरक्षण और नशे के खिलाफ जंग

गैंगस्टर एक्ट: देश में पहली बार गौवंश की तस्करी करने वाले आदतन अपराधियों की सूची बनाकर उन पर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। तस्करी में प्रयुक्त 142 वाहनों को जब्त किया गया है।

नशा मुक्ति: एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों के सौदागरों की संपत्ति कुर्क की जा रही है और भारी मात्रा में गांजा, हेरोइन व अन्य नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया है।

  1. साइबर अपराध और ऑनलाइन जुए पर प्रहार

साइबर ठगी रोकने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में नए साइबर थाने खोले गए हैं।

सरकार ने पहली बार 255 अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी लिंक और पोर्टल को ब्लॉक किया है।

फर्जी सिम बेचने वाले 165 दुकानदारों और बैंक धोखाधड़ी में शामिल कर्मचारियों की गिरफ्तारियां की गई हैं।

  1. बस्तर: 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के अंत का लक्ष्य

उपमुख्य मंत्री ने दोहराया कि बस्तर में शांति बहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

डेडलाइन: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लक्ष्य के अनुरूप, 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया गया है।

पुनर्वास की नीति: सरकार की नीति से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को 5G फोन, कौशल प्रशिक्षण और सामूहिक विवाह जैसी सुविधाओं के माध्यम से मुख्यधारा में जोड़ा जा रहा है।

नक्सल मुक्त पंचायत: ‘इलवद पंचायत योजना’ के तहत दो पंचायतों ने स्वयं को पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित कर एक नई मिसाल पेश की है।

  1. जेलों का आधुनिकीकरण और सुधार

प्रदेश की चार केंद्रीय जेलों को उनके बेहतर प्रबंधन के लिए ISO प्रमाणन मिला है।

रचनात्मक पहल: अंबिकापुर जेल में ‘सरगुजा स्कूल ऑफ आर्ट्स’ और रायपुर जेल में ‘उमंग-तरंग’ रेडियो स्टेशन के जरिए बंदियों को सकारात्मक दिशा दी जा रही है।

कौशल विकास: कैदियों द्वारा मसाला उद्योग, एलईडी बल्ब निर्माण और पेट्रोल पंप संचालन जैसे कार्य किए जा रहे हैं ताकि रिहाई के बाद वे आत्मनिर्भर बन सकें।

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