नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक मोड़ : देश में अब केवल 6 जिले ‘प्रभावित’ श्रेणी में, बस्तर में अंतिम प्रहार की तैयारी

जगदलपुर। भारत सरकार ने देश में नक्सलवाद की वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों की नई सूची जारी की है। इस ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अब पूरे देश में मात्र 6 जिले ही नक्सलवाद से गंभीर रूप से प्रभावित रह गए हैं। यह आंकड़ा सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता और इस समस्या के सिमटते दायरे को दर्शाता है।
प्रमुख बिंदु और प्रभावित क्षेत्र
नई सूची के अनुसार, इन शेष 6 जिलों में से अधिकांश छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से हैं। राज्य और केंद्र की संयुक्त रणनीति का मुख्य केंद्र अब निम्नलिखित क्षेत्र होंगे:
छत्तीसगढ़: सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और गरियाबंद।
अन्य: शेष 2 जिले देश के अन्य राज्यों से शामिल किए गए हैं।
“ऑपरेशन क्लीन-स्वीप” की ओर कदम
सरकारी सूत्रों का कहना है कि अब इन चिन्हित जिलों में नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के लिए अंतिम चरण की रणनीति तैयार कर ली गई है। सुरक्षा बलों को इस निर्णायक अभियान के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि आने वाले समय में इन क्षेत्रों को भी पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे जिलों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। एंटी-नक्सल ऑपरेशंस की गति बढ़ा दी गई है और जल्द ही इन क्षेत्रों में शांति बहाली का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा।
विकास की नई राह: बस्तर के कई हिस्सों का नक्सल मुक्त घोषित होना क्षेत्र में निवेश, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक शुभ संकेत है। प्रशासनिक स्तर पर इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
















