राज्यपाल के ‘गोद ग्राम’ टेमरी के निवासियों ने जाना लोकभवन का गौरव

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका की एक अनूठी पहल के तहत, आम जनता को लोकभवन की कार्यप्रणाली और ऐतिहासिक महत्व से रूबरू कराने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में, बेमेतरा जिले के ग्राम टेमरी के ग्रामीणों ने सोमवार को राजधानी स्थित लोकभवन का शैक्षणिक भ्रमण किया।
भ्रमण की मुख्य झलकियाँ:
राज्यपाल द्वारा गोद लिए गए इस गांव के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सरपंच शिवमूर्ति कोसले और विहान स्व-सहायता समूह की प्रमुख गीता बंजारे ने किया। यात्रा के दौरान ग्रामीणों को निम्नलिखित स्थानों का अवलोकन कराया गया:
छत्तीसगढ़ मंडपम व सचिवालय: ग्रामीणों ने सचिवालय की विभिन्न शाखाओं की कार्यशैली को समझा।
परिसर भ्रमण: दल ने उदंती परिसर, कन्हार परिसर और औषधालय (डिस्पेंसरी) का दौरा किया।
प्राकृतिक सौंदर्य: लोकभवन के सुव्यवस्थित और हरे-भरे उद्यानों ने आगंतुकों का मन मोह लिया।
ऐतिहासिक धरोहर: ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण 1971 के भारत-पाक युद्ध में इस्तेमाल की गई ‘विजय तोप’ रही, जिसे देखकर उन्होंने गर्व का अनुभव किया।
ग्रामीणों का अनुभव
भ्रमण के पश्चात ग्रामीणों ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि लोकभवन के भीतर की व्यवस्थाओं और वहां के ऐतिहासिक महत्व को प्रत्यक्ष देखना उनके लिए एक यादगार अनुभव रहा। राज्यपाल की इस पहल से आम नागरिकों और सरकारी संस्थाओं के बीच की दूरी कम हो रही है।
विशेष: टेमरी वही गांव है जिसे राज्यपाल रमेन डेका ने आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए गोद लिया है।
















