सुकमा-बीजापुर सीमा पर सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई : भारी मात्रा में विस्फोटक और सामान जब्त

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षाबलों ने एक बार फिर नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। सुकमा और बीजापुर जिले की सीमा पर तालपेरू नदी के तट के पास सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों ने एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए ट्रैक्टर और 10 किलो वजनी एंटी-हैंडलिंग आईईडी (IED) सहित अन्य सामग्री बरामद की है।
नियमित गश्त के दौरान मिली कामयाबी
यह सफलता सीआरपीएफ की 228वीं बटालियन को मिली। कमांडेंट लतीफ कुमार साहू के नेतृत्व में जब जवान इलाके की निगरानी और सर्चिंग पर निकले थे, तभी उन्हें नदी किनारे छिपाए गए इस जखीरे का पता चला। सुरक्षाबलों की मुस्तैदी के कारण एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया।
बीते दिनों में लगातार विफल होती नक्सली साजिशें
बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। पिछले कुछ दिनों में सुरक्षाबलों ने कई अन्य सफलताओं को अंजाम दिया है:
30 किलो का आईईडी बरामद: करीब चार दिन पहले, सीआरपीएफ की 196 और 170वीं बटालियन की संयुक्त टीम ने आवापल्ली–मुरदण्डा मार्ग पर एक विशालकाय 30 किलो का आईईडी खोज निकाला था, जिसे सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया।
गंगालूर में प्रेशर बम निष्प्रभावी: गंगालूर थाना क्षेत्र के डोडीतुमनार इलाके में सीआरपीएफ की 153वीं वाहिनी ने डिमाइनिंग के दौरान 5 किलोग्राम का प्रेशर आईईडी ढूंढकर मौके पर ही ब्लास्ट कर दिया।
स्मारकों पर कार्रवाई: जवानों ने न केवल विस्फोटक बरामद किए, बल्कि नक्सलियों के प्रतीकों को भी निशाना बनाया। कुटरू क्षेत्र में कोबरा 210 वाहिनी ने इंद्रावती नदी के तट पर स्थित माओवादी कमांडर सीसीएम बसवराजू के स्मारक को ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा, तोड़का और कोरचोली के जंगलों में भी अन्य नक्सली स्मारकों को मलबे में तब्दील कर दिया गया।
निष्कर्ष: सुरक्षाबलों की इन निरंतर कार्रवाइयों से नक्सलियों के नेटवर्क और उनके मनोबल को तगड़ा झटका लगा है। क्षेत्र में डिमाइनिंग और सर्चिंग ऑपरेशन अभी भी जारी हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
















