उच्च शिक्षण संस्थानों को उभरते अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा : टंक राम वर्मा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की उच्च शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से रायपुर में ‘शिक्षा संवाद 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने किया। उच्च शिक्षा विभाग और एलिट्स टेक्नोमीडिया के साझा प्रयासों से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र ‘शिक्षा, कौशल और रोजगार’ के बीच एक मजबूत सेतु बनाना रहा।
उद्योग की जरूरतों के अनुसार बदलेंगे पाठ्यक्रम
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य की असली ताकत यहाँ के युवा हैं। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों को सलाह दी कि वे केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि उभरते वैश्विक अवसरों को देखते हुए खुद में बदलाव लाएं।
मंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु:
इंडस्ट्री-कनेक्ट: पाठ्यक्रमों को उद्योगों की वर्तमान मांग के अनुरूप ढालना अनिवार्य है।
व्यावहारिक ज्ञान: किताबी ज्ञान के साथ-साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल (Practical Skills) में भी दक्ष बनाना होगा।
डिजिटल माध्यम: शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए डिजिटल लर्निंग और नीतिगत सुधारों को अपनाना समय की मांग है।
वैश्विक और तकनीकी साझेदारी: दो महत्वपूर्ण समझौते
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हुए दो प्रमुख MoU (समझौते) रहे, जो छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए प्रगति के नए द्वार खोलेंगे:
स्वयं प्लस (IIT मद्रास) के साथ समझौता: इसके जरिए छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन और क्रेडिट-लिंक्ड कोर्स उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे ‘अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज (मलेशिया) के साथ अनुबंध: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध, छात्र विनिमय (Student Exchange) और वैश्विक अनुभव को बढ़ावा देने के लिए मलेशिया के इस प्रतिष्ठित संस्थान के साथ हाथ मिलाया गया है।
प्रशासनिक दृष्टिकोण और भविष्य की राह
उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने स्पष्ट किया कि शासन का ध्यान अब परिणाम आधारित दृष्टिकोण (Result-oriented approach) पर है। वहीं, उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने एक ऐसी ठोस कार्ययोजना पर जोर दिया जहाँ शिक्षा सीधे रोजगार से जुड़ सके।
निष्कर्ष: ‘शिक्षा संवाद 2026’ ने यह साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल क्रियान्वयन और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से ही ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का सपना पूरा किया जा सकता है।
















