भविष्य का सुशासन : छत्तीसगढ़ में AI और डिजिटल नवाचार को मिलेगी प्राथमिकता

रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने हाल ही में नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। इस वैश्विक शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने शासन व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका और इसके सफल क्रियान्वयन पर जोर दिया।
प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता पर जोर
सम्मेलन के ‘लीडर्स प्लेनरी’ सत्र में शामिल होकर विजय शर्मा ने इस बात को रेखांकित किया कि तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और त्वरित बनाया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में AI के उपयोग पर अपनी रुचि दिखाई:
स्वास्थ्य और शिक्षा: गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का विस्तार।
कृषि: डेटा आधारित सटीक निर्णय लेना।
सुरक्षा और आपदा प्रबंधन: त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करना।
वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता कद
उपमुख्यमंत्री ने भारत को AI के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन ‘ग्लोबल साउथ’ का पहला ऐसा बड़ा आयोजन है, जिसमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों और 500 से अधिक AI विशेषज्ञों की भागीदारी रही।
“विश्व भर से प्राप्त 700 से अधिक प्रस्ताव यह दर्शाते हैं कि दुनिया भारत के ‘इंडिया-एआई मिशन’ को एक नई उम्मीद के साथ देख रही है।” – विजय शर्मा
छत्तीसगढ़ के नवाचारों का प्रदर्शन
सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ के विशेष स्टाल ‘छत्तीसगढ़ ड्रिवन बाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ ने सबका ध्यान खींचा। इन्वेस्टमेंट कमिश्नर रितु सेन और उनकी टीम ने राज्य द्वारा किए जा रहे तकनीकी नवाचारों को प्रदर्शित किया। उपमुख्यमंत्री ने युवाओं के इस दल की सराहना करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया।
महत्वपूर्ण मुलाकातें और वैश्विक सहयोग
इस यात्रा के दौरान विजय शर्मा ने DRDO के स्टाल पर संयुक्त राष्ट्र (UN) के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रिजनर से भी मुलाकात की। दोनों के बीच विकासशील राज्यों में तकनीक आधारित समाधानों को बढ़ावा देने और वैश्विक सहयोग की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हुई।
निष्कर्ष: डिजिटल भविष्य की ओर कदम
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार डिजिटल नवाचारों को अपनाकर सुशासन को और सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका मानना है कि AI का सही उपयोग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच सेवा वितरण के अंतर को कम कर सकता है और प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ सकता है।
















