छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस और नैतिकता का जीवंत मार्गदर्शिका : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के मंचन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की जीवन यात्रा केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर पीढ़ी के लिए साहस, धैर्य और कुशल रणनीति का एक अनुपम पाठ है।
चुनौतियों को परास्त करने की अनूठी रणनीति
मुख्यमंत्री ने शिवाजी महाराज के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी।
अफजल खाँ का प्रसंग: मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि शिवाजी महाराज ने अपनी सूक्ष्म दृष्टि और धैर्य से संकट को पहले ही भांप लिया था और अपनी बुद्धिमत्ता से विजय श्री प्राप्त की।
शाइस्ता खान पर विजय: उन्होंने कहा कि शाइस्ता खान के विरुद्ध शिवाजी की रणनीति हमें सिखाती है कि यदि सूझबूझ और निडरता का साथ हो, तो विशाल सैन्य शक्ति वाले शत्रु को भी घुटने टेकने पर मजबूर किया जा सकता है।
मर्यादा और आदर्श शासन के प्रतीक
श्री साय ने शिवाजी महाराज के मानवीय और नैतिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे एक योद्धा होने के साथ-साथ एक न्यायप्रिय शासक भी थे।
सर्वधर्म सम्मान: शिवाजी महाराज ने शासन में सभी मतों के प्रति सम्मान का भाव रखा।
नारी शक्ति का सम्मान: उनके राज्य में महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि था, जो आज के समाज के लिए भी एक महान सीख है।
संस्कारों की नींव: मुख्यमंत्री ने राजमाता जीजाबाई के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि शिवाजी का मर्यादित चरित्र उनकी माता द्वारा दिए गए उच्च संस्कारों का परिणाम था।
कलाकारों का जीवंत प्रदर्शन और भव्य आयोजन
राजधानी रायपुर में 22 फरवरी तक चलने वाला यह महानाट्य ‘हिंदवी स्वराज्य’ की स्थापना की गाथा को बड़े ही भव्य स्तर पर प्रस्तुत कर रहा है। लगभग 3 घंटे की इस प्रस्तुति की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
विशेषता,विवरण
आयोजक,छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग
मुख्य आकर्षण,”सजीव घोड़े, ऊंट और विशाल मंच सज्जा”
स्थानीय प्रतिभा,ऑडिशन के माध्यम से चुने गए प्रदेश के 40 से अधिक कलाकार
निर्देशन व तकनीक,”योगेश शिरोले (निर्देशक), वैभव जोशी और कौशिक नाईक (तकनीकी विशेषज्ञ)”
विशेषता,विवरण
आयोजक,छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग
मुख्य आकर्षण,”सजीव घोड़े, ऊंट और विशाल मंच सज्जा”
स्थानीय प्रतिभा,ऑडिशन के माध्यम से चुने गए प्रदेश के 40 से अधिक कलाकार
निर्देशन व तकनीक,”योगेश शिरोले (निर्देशक), वैभव जोशी और कौशिक नाईक (तकनीकी विशेषज्ञ)”
















