छत्तीसगढ़ में खनिज प्रशासन को मिली नई ऊर्जा : सीएम साय ने नवनियुक्त निरीक्षकों को सौंपी जिम्मेदारी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को राज्य के खनिज विभाग को मजबूती प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा चयनित 33 खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित इस गरिमामय समारोह में उन्होंने युवाओं को पूरी ईमानदारी के साथ प्रदेश की सेवा करने का संकल्प दिलाया।
मुख्य बिंदु: पारदर्शी प्रशासन और राजस्व वृद्धि पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की समृद्ध प्राकृतिक संपदा का उल्लेख करते हुए नवनियुक्त अधिकारियों को उनके उत्तरदायित्वों का बोध कराया।
संसाधनों का संरक्षण: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ लोहा, कोयला, लिथियम और सोने जैसे कीमती खनिजों से समृद्ध है। इन संसाधनों का सही दोहन और संरक्षण करना अब नए निरीक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
ईमानदारी का संदेश: उन्होंने जोर देकर कहा कि मैदानी स्तर पर कार्य करते समय पारदर्शिता और निष्ठा को प्राथमिकता दें, ताकि अवैध उत्खनन पर लगाम लगे और शासन की छवि उज्ज्वल हो।
राजस्व में योगदान: राज्य के आर्थिक विकास के लिए खनिज राजस्व एक महत्वपूर्ण आधार है। सीएम ने उम्मीद जताई कि नई नियुक्तियों से विभागीय कार्यक्षमता बढ़ेगी और राजस्व संग्रहण में तेजी आएगी।
नियुक्ति प्रक्रिया का विवरण
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने अक्टूबर 2025 में इन पदों के लिए चयन सूची जारी की थी। विभागीय औपचारिकताओं के बाद, कुल 32 निरीक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी किए गए, जिनमें से 30 अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के हाथों अपना नियुक्ति पत्र प्राप्त किया।
गरिमामय उपस्थिति
इस अवसर पर शासन के वरिष्ठ अधिकारी और खनिज जगत की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें शामिल हैं:
सौरभ सिंह, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम
पी. दयानंद, सचिव, खनिज साधन विभाग
रजत बंसल, संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म
















