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सर्दियों में गले की खिचखिच से हैं परेशान? अपनाएं ये 8 कारगर घरेलू उपाय

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। सर्दियों की दस्तक के साथ ही सेहत से जुड़ी कई छोटी-बड़ी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। इनमें सबसे आम है गले में खराश (Sore Throat)। ठंडी हवा और बदलते मौसम के कारण गले में दर्द, सूजन, खुजली और निगलने में तकलीफ जैसी समस्या होने लगती है। हालांकि यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन इसकी वजह से खान-पान और नींद में काफी खलल पड़ता है।

अगर आप भी इस सर्दी गले की समस्या से जूझ रहे हैं, तो रसोई में मौजूद इन चीजों से तुरंत राहत पा सकते हैं:

  1. शहद का जादू

गले की खराश के लिए शहद एक सदियों पुराना और भरोसेमंद इलाज है। शोध बताते हैं कि शहद कई कफ सिरप से बेहतर काम करता है, खासकर रात के समय होने वाली खांसी में। यह गले की सूजन को कम कर जख्मों को जल्दी भरने में मदद करता है। आप इसे हर्बल टी में मिलाकर या सीधे एक चम्मच ले सकते हैं।

  1. नमक के पानी के गरारे

यह सबसे आसान और असरदार तरीका है। गर्म पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर गरारे करने से गले के बैक्टीरिया खत्म होते हैं और बलगम साफ होता है। बेहतर परिणाम के लिए हर 3-4 घंटे में इसे दोहराएं।

  1. पुदीने की ताजगी

पुदीने में मौजूद मेंथॉल बलगम को पतला करने और गले को ठंडक पहुंचाने का काम करता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। आप पुदीने की चाय पी सकते हैं या इसके तेल (Essential Oil) की कुछ बूंदों को किसी कैरियर ऑयल (नारियल या जैतून का तेल) के साथ मिलाकर गले की सिकाई कर सकते हैं।

  1. बेकिंग सोडा का मिश्रण

सिर्फ नमक ही नहीं, बेकिंग सोडा के गरारे भी संक्रमण रोकने में मददगार हैं। एक कप गुनगुने पानी में चौथाई चम्मच बेकिंग सोडा और थोड़ा सा नमक मिलाकर गरारे करने से गले में पनपने वाले फंगस और बैक्टीरिया का सफाया होता है।

  1. मेथी का उपयोग

मेथी में प्राकृतिक रूप से दर्द निवारक और एंटी-फंगल गुण होते हैं। आप मेथी के दानों को पानी में उबालकर उसकी चाय पी सकते हैं या उस पानी से गरारे कर सकते हैं। यह गले की जलन को शांत करने में बहुत प्रभावी है।

नोट: गर्भवती महिलाओं को मेथी के अधिक सेवन से बचना चाहिए।

  1. मुलेठी की जड़

आयुर्वेद में मुलेठी को गले की बीमारियों के लिए रामबाण माना गया है। मुलेठी को पानी में उबालकर गरारे करने से गले के संक्रमण में बहुत जल्दी आराम मिलता है। हालांकि, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

  1. सेब का सिरका

एप्पल साइडर विनेगर अपनी अम्लीय प्रकृति (Acidic nature) के कारण गले में मौजूद संक्रमण फैलाने वाले कीटाणुओं को नष्ट कर देता है। एक गिलास गुनगुने पानी में 1-2 चम्मच सिरका मिलाकर गरारे करने से बंद गला खुल जाता है और राहत मिलती है।

  1. औषधीय लहसुन

लहसुन में एलिसिन (Allicin) नाम का तत्व होता है, जो इंफेक्शन पैदा करने वाले वायरस से लड़ता है। कच्ची लहसुन की एक कली चबाने या इसे खाने में शामिल करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और गले की खराश दूर होती है।

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