सावित्रीबाई फुले पुण्यतिथि : मुख्यमंत्री साय ने दी देश की पहली महिला शिक्षिका को श्रद्धांजलि

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज देश की महान समाज सुधारक और नारी शिक्षा की मशाल जलाने वाली सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन किया। मुख्यमंत्री ने उनके द्वारा समाज को दिए गए अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें महिला सशक्तिकरण की सच्ची प्रेरणा बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सावित्रीबाई फुले के संघर्षों को रेखांकित करते हुए निम्नलिखित प्रमुख बातें कहीं:
शिक्षा की नींव: श्री साय ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में महिलाओं और वंचितों के लिए शिक्षा के द्वार खोले जब समाज में इसके प्रति घोर विरोध था। उनके अटूट संकल्प ने ही आज की महिलाओं के लिए प्रगति के मार्ग प्रशस्त किए हैं।
समानता का प्रतीक: वे केवल एक शिक्षिका नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की पुरोधा थीं। उन्होंने जातिगत भेदभाव और कुरीतियों के विरुद्ध लड़कर समाज के पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया।
प्रेरणादायी संघर्ष: मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन हमें सिखाता है कि शिक्षा ही वह सबसे सशक्त माध्यम है, जिससे समाज में जागरूकता और वास्तविक बदलाव लाया जा सकता है।
“सावित्रीबाई फुले जी का जीवन साहस और दूरदर्शिता की एक अद्वितीय कहानी है। उनके विचार आज भी हमें एक समावेशी और शिक्षित समाज निर्माण की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।” — विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सावित्रीबाई फुले के आदर्श भारतीय इतिहास के पन्नों में सदा जीवित रहेंगे और आने वाली पीढ़ियां उनके निस्वार्थ सेवा भाव से सदैव सीख लेती रहेंगी।
















