रायपुर में ‘वर्ल्ड रूमेटोलॉजी फोरम समिट 2026’ का सफल आयोजन : 450 विशेषज्ञों ने मंथन किया

रायपुर। रायपुर के मेफेयर होटल में हाल ही में दो दिवसीय “वर्ल्ड रूमेटोलॉजी फोरम समिट 2026” (14-15 मार्च) संपन्न हुआ। मध्य भारत में अपनी तरह के इस पहले अंतरराष्ट्रीय आयोजन ने चिकित्सा जगत के दिग्गजों को एक साझा मंच प्रदान किया। इस सम्मेलन में भारत सहित विदेशों से आए लगभग 450 विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हिस्सा लिया और रूमेटोलॉजी (गठिया और संबंधित बीमारियाँ) के क्षेत्र में हो रहे नए बदलावों पर अनुभव साझा किए।
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय विशेषज्ञों की भागीदारी
सम्मेलन की गरिमा बढ़ाने के लिए यूके से आए प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ. विलियम टिलेट और डॉ. हेक्टर चिनॉय मौजूद रहे। उनके साथ भारत के वरिष्ठ चिकित्सक जैसे डॉ. अनीता महादेवन, डॉ. राजीव सेखरी और डॉ. दीपक तलवार ने भी अपने शोध प्रस्तुत किए। इस दौरान लगभग 25 से अधिक ऐसे क्लिनिकल मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई, जो चिकित्सा की दृष्टि से अत्यंत जटिल माने जाते हैं।
शोध और नवाचार पर जोर
सम्मेलन में केवल चर्चा ही नहीं, बल्कि शैक्षणिक गतिविधियों को भी काफी महत्व दिया गया:
165 से अधिक पोस्टर के माध्यम से नए शोध प्रदर्शित किए गए।
200 रिसर्च एब्स्ट्रैक्ट जमा किए गए, जो इस क्षेत्र में हो रही वैज्ञानिक प्रगति को दर्शाते हैं।
एम्स (AIIMS) रायपुर और स्थानीय मेडिकल कॉलेज के छात्रों व डॉक्टरों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
ऑटोइम्यून बीमारियों पर विशेष ध्यान
इस समिट का मुख्य केंद्र मायोसाइटिस और सोरियाटिक आर्थराइटिस जैसी गंभीर ऑटोइम्यून बीमारियां रहीं। विशेषज्ञों ने इस बात पर चिंता जताई कि जागरूकता की कमी के कारण इन रोगों की पहचान देरी से होती है। चर्चा के दौरान यह निष्कर्ष निकला कि आधुनिक तकनीक और ‘एडवांस इमेजिंग’ के माध्यम से अब इन बीमारियों का सटीक इलाज संभव है।
मुख्य आयोजक: इस भव्य आयोजन के साइंटिफिक चेयर डॉ. शाम एस और आयोजन सचिव डॉ. अरुण कुमार केडिया रहे।
सम्मेलन का समापन उत्कृष्ट शोधकर्ताओं को पुरस्कार वितरण और एक विशेष स्मारिका (Souvenir) के विमोचन के साथ हुआ। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के ज्ञान साझाकरण से भविष्य में मरीजों को बेहतर और आधुनिक इलाज मिल सकेगा।
















