छत्तीसगढ़

नकली सोने की पत्तियों से 19 लाख से ज्यादा की ठगी : अंतरराज्यीय गिरोह के 6 आरोपी गिरफ्तार, ऐसे रची थी साजिश

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो ज्वेलर्स को चूना लगाने के लिए अनोखा पैंतरा अपनाता था। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में नकली सोने की पत्तियां और अन्य सामग्री बरामद की है।

पहले विश्वास जीता, फिर की ठगी

यह पूरी वारदात 24 सितंबर को पाटन के लक्ष्मी ज्वेलर्स में हुई थी। आरोपियों ने अपनी साजिश के तहत पहले कुछ समय के लिए असली सोना गिरवी रखकर सर्राफा व्यापारी आनंद सोनी का विश्वास जीत लिया। इसके बाद, आरोपी ओमी सिंह और लाखन सिंह दुकान पर पहुंचे और 180 ग्राम वजन की 18 सोने की पत्तियों को पूरी तरह असली बताकर गिरवी रख दिया। इसके एवज में उन्होंने व्यापारी से करीब 15.93 लाख रुपये नकद ले लिए।

इतना ही नहीं, आरोपियों ने इसके अलावा 3.39 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण—जिनमें तीन सोने की अंगूठियां और एक जोड़ी चांदी की पायल शामिल थीं—उधार ले लिए। उन्होंने एक हफ्ते के भीतर पूरा ब्याज और मूलधन चुकाने का वादा किया था।

जांच में खुली पोल: 90 प्रतिशत थी अन्य धातु

तय समय सीमा बीतने के बाद भी जब आरोपियों ने पैसे नहीं लौटाए, तो व्यापारी को शक हुआ। इसके बाद जब गिरवी रखी गई सोने की पत्तियों की कड़ाई से जांच कराई गई, तो पता चला कि उनमें महज 10 प्रतिशत ही असली सोना था, जबकि बाकी 90 प्रतिशत हिस्सा किसी अन्य धातु का बना हुआ था। कुल मिलाकर आरोपियों ने व्यापारी के साथ 19.32 लाख रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

आरपीएफ नागपुर की मदद से ट्रेन में दबोचे गए आरोपी

जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि यही गिरोह अर्जुन्दा इलाके में भी लगभग 25 लाख रुपये की ऐसी ही ठगी को अंजाम देने की फिराक में था। पुलिस ने फौरन सीसीटीवी फुटेज और पुख्ता सबूतों के आधार पर जाल बिछाया। आरपीएफ नागपुर के सहयोग से चलती ट्रेन से भाग रहे गिरोह के चार मुख्य सदस्यों (दो पुरुष और दो महिलाएं) को धर दबोचा गया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 23 नकली सोने की पत्तियां, 1 असली सोने की पत्ती, एक मोटरसाइकिल, नकदी और अपराध में इस्तेमाल अन्य सामान जब्त कर लिया है। फिलहाल, पुलिस गिरोह के बाकी साथियों और उनके पुराने आपराधिक इतिहास की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

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