‘जेन नेक्स्ट संवाद’ : मुख्यमंत्री साय ने कहा— युवाओं की संकल्पशक्ति से ही आकार लेगा ‘विकसित छत्तीसगढ़ और समृद्ध भारत’

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सड्डू में आयोजित ‘जेन नेक्स्ट संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जेन-जी (Gen-Z) और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों के साथ सीधी बातचीत की। इस विशेष कार्यक्रम ‘यंग माइंड्स, मीनिंगफुल कन्वर्सेशंस’ के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है और युवाओं का सामर्थ्य ही आने वाले समय में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे बड़े लक्ष्य निर्धारित करें, अपनी रुचि के अनुसार राह चुनें और कड़े परिश्रम से अपने सपनों को साकार करें।
जीवन के संघर्षों से असफलता को दी मात: मुख्यमंत्री ने साझा किए संस्मरण
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से अपने विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने व्यक्तिगत जीवन के सफर को याद किया। उन्होंने बताया कि महज 10 वर्ष की उम्र में पिता के साये से वंचित होने के बाद उन्होंने कम उम्र में ही पढ़ाई के साथ-साथ परिवार और खेती-बारी का दायित्व संभाला।
श्री साय ने कहा: “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने गांव का सरपंच भी बनूंगा। लेकिन ‘कर्म ही पूजा है’ के सिद्धांत को अपनाकर निष्ठा से काम करता रहा। गांव की पंचायत से शुरू हुआ यह सफर ईश्वर की कृपा और जनता के विश्वास से विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और अब मुख्यमंत्री के पद तक पहुँचा है।”
उन्होंने अपने स्कूली दिनों की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए बताया कि उनके गांव बगिया के प्राथमिक स्कूल में 5वीं की बोर्ड परीक्षा देने की सुविधा तक नहीं थी, जिसके लिए उन्हें दूर के गांव जाना पड़ता था। आज प्रदेश में शिक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व बदलाव आया है और 15 मेडिकल कॉलेज सहित कई उच्च शिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं।
विद्यार्थियों के प्रश्नों पर बेबाक चर्चा: अर्थव्यवस्था, जल संरक्षण और शिक्षा
अर्थव्यवस्था का लक्ष्य: प्रदेश के आर्थिक भविष्य पर सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को 75 लाख करोड़ रुपये का आकार देने के उद्देश्य से विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। हाल ही में हुए सिंगापुर दौरे में भी कई प्रमुख कंपनियों ने भारत की वैश्विक साख और छत्तीसगढ़ के अवसरों पर भरोसा जताया है।
‘जल संचय-जनभागीदारी’: जल संकट पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने “जल है तो कल है” का मंत्र दिया। उन्होंने कोरिया जिले के ‘5 प्रतिशत मॉडल’ और राजनांदगांव के सोक-पिट निर्माण का उदाहरण देते हुए युवाओं से जल संरक्षण को अभियान बनाने की अपील की।
नई शिक्षा नीति और प्रतियोगी परीक्षाएं: राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित 17 ‘प्रयास’ विद्यालयों और पीएम-श्री योजना के तहत चुने गए 341 स्कूलों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को सिर्फ डिग्री तक सीमित न रखकर इसे कौशल, संस्कार और रोजगार से जोड़ना है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में बढ़ता भारत का मान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा के सफर के उपलक्ष्य में देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ मनाया जा रहा है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन की सफलता और वैश्विक मंचों पर भारत की मजबूत होती छवि का उल्लेख किया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने युवाओं के साथ ‘भजन क्लबिंग’ के माध्यम से भक्ति संगीत का आनंद लिया तथा खेल व अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहार युवाओं को सम्मानित किया।
















