छत्तीसगढ़ में कुपोषण और एनीमिया पर प्रहार : अब ‘हर-घर मुनगा’ से सवँरेगी सेहत, घर-घर बांटे जाएंगे पौधे

रायपुर। प्रदेश में बच्चों और महिलाओं में कुपोषण तथा खून की कमी (एनीमिया) को खत्म करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग एक विशेष मुहीम शुरू करने जा रहा है। ‘हर-घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ नामक इस व्यापक योजना की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
पौष्टिकता का खजाना है मुनगा (सहजन)
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मुनगा (सहजन) की पत्तियां और फलियां औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। इनमें कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन, विटामिन-ए और सी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके नियमित सेवन से विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों की सेहत में तेजी से सुधार लाया जा सकता है।
फरवरी-मार्च से शुरू होगा पौधा वितरण
इस योजना के अंतर्गत राज्य के प्रत्येक परिवार को मुनगा के पौधे मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे।
पौधों की तैयारी: कृषि, उद्यानिकी और वन विभाग मिलकर अपनी नर्सरियों में उन्नत किस्म के मुनगा पौधे तैयार करेंगे।
वितरण एवं रोपण: आगामी फरवरी से मार्च के बीच इनका घर-घर वितरण कर रोपण कराया जाएगा।
जिम्मेदारी: सभी जिलों के कलेक्टर इस पूरी प्रक्रिया पर सीधी नजर रखेंगे।
आंगनबाड़ी, स्कूल और छात्रावासों में बनेंगी ‘पोषण वाटिका’
सार्वजनिक और शैक्षणिक संस्थानों में भी इस अभियान को बड़े पैमाने पर लागू किया जाएगा:
राज्य के लगभग 23,500 स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, आश्रमों और हॉस्टलों में मुनगा के पौधे लगाए जाएंगे।
स्कूलों में ‘शाला पोषण वाटिका’ विकसित की जाएगी और मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) में मुनगा भाजी को शामिल किया जाएगा।
डिजिटल ट्रैकिंग: पौधों के सही विकास, सिंचाई और सुरक्षा की निगरानी के लिए जियो-टैगिंग और लाइव डैशबोर्ड की मदद ली जाएगी।
विभागीय समन्वय और कार्य विभाजन
इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां दी गई हैं:
महिला एवं बाल विकास विभाग: नोडल एजेंसी के रूप में हितग्राहियों का चयन, पोषण जागरूकता और मैदानी स्तर पर समन्वय का काम संभालेगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग: स्व-सहायता समूहों के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाएगा और बाड़ियों का चयन करेगा।
उद्यानिकी, कृषि और वन विभाग: तकनीक, जैविक खाद, उन्नत कलम और पौध संरक्षण में सहयोग देंगे।
इस बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, आदिम जाति विकास सचिव भूवनेश यादव, पंचायत सचिव भीम सिंह समेत कृषि और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
















