छत्तीसगढ़ में शहरी विकास का नया अध्याय : आवास एवं पर्यावरण विभाग की उपलब्धियों पर ओपी चौधरी की रिपोर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ के आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने हाल ही में राज्य सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में विभाग ने न केवल वित्तीय अनुशासन स्थापित किया है, बल्कि नवा रायपुर को देश के पहले ‘ऋण मुक्त ग्रीनफील्ड शहर’ के रूप में भी स्थापित किया है।
वित्तीय सुधार: कर्ज के जाल से बाहर आया हाउसिंग बोर्ड
पिछले दो वर्षों में विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (Housing Board) को पूरी तरह कर्ज मुक्त बनाना रही है।
ऋण मुक्ति: मंडल पर पूर्व में ₹735 करोड़ का बोझ था, जिसे राज्य सरकार की सहायता से समाप्त कर दिया गया है।
संपत्ति निस्तारण: ‘एकमुश्त समाधान योजना’ (OTS-2) के माध्यम से अटकी हुई 1,251 संपत्तियों को बेचा गया, जिससे ₹190 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
नई निर्माण नीति: भविष्य में घाटे से बचने के लिए अब ‘मांग आधारित निर्माण’ शुरू किया गया है। अब कम से कम 60% बुकिंग होने के बाद ही प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू होगा।
नवा रायपुर: निवेश और रोजगार का नया केंद्र
नवा रायपुर (अटल नगर) अब विकास के एक नए मॉडल के रूप में उभर रहा है। प्राधिकरण ने अपना ₹1,345 करोड़ का कर्ज चुका कर ₹5,030 करोड़ की संपत्तियों को गिरवी मुक्त करा लिया है।
इंडस्ट्रियल हब: 132 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क का विकास किया जा रहा है, जिससे 12,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
आईटी और सेमीकंडक्टर: ₹1,800 करोड़ के निवेश प्रस्तावों से तकनीकी क्षेत्र में करीब 10,000 नई नौकरियां पैदा होंगी।
प्रमुख प्रोजेक्ट्स: शहर में इनलैंड मरीना, साइंस सिटी और आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
स्मार्ट गवर्नेंस और जन-सुविधाएं
आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए विभाग ने डिजिटल तकनीक का सहारा लिया है।
AI चैटबॉट: आवंटियों को 24 घंटे जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एआई आधारित सिस्टम लॉन्च किया गया है।
ऑनलाइन सेवाएं: रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की सभी सेवाएं अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।
पीएम यूनिटी मॉल: रायपुर में ₹193 करोड़ की लागत से एकता मॉल का निर्माण किया जा रहा है।
उद्योग और पर्यावरण: संतुलन की ओर कदम
मंत्री चौधरी ने स्पष्ट किया कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी प्राथमिकता है:
रियल टाइम मॉनिटरिंग: उद्योगों से निकलने वाले धुएं और उत्सर्जन की अब ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। तय सीमा से अधिक प्रदूषण होने पर सिस्टम स्वचालित रूप से नोटिस जारी कर देता है।
रियायतें: किफायती आवासों को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक खुली जगह (Open Space) की अनिवार्यता को 10% से घटाकर 5% कर दिया गया है। साथ ही उद्योगों के लिए ग्राउंड कवरेज को बढ़ाकर 70% किया गया है।
निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य अब नवा रायपुर को ‘कॉन्फ्रेंस कैपिटल’ और ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करना है, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिल सके।
















