बस्तर में शांति का नया उदय : माओवाद के अंत पर मुख्यमंत्री ने जताया आभार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 31 मार्च 2026 को राज्य के पूर्णतः माओवाद मुक्त होने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की कुशल रणनीति और बस्तर की जनता के अटूट साहस को दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में ‘रेड कॉरिडोर’ का काला अध्याय समाप्त हो चुका है और अब हर तरफ खुशहाली का ‘ग्रीन कॉरिडोर’ दिखाई दे रहा है।
प्रमुख बिंदु: एक दशक का संघर्ष और विजय
संकल्प की सिद्धि: मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में 31 मार्च 2026 तक माओवाद खत्म करने का जो लक्ष्य रखा था, उसे सुरक्षा बलों ने अपनी दृढ़ता से सच कर दिखाया है।
शहीदों को नमन: श्री साय ने उन वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने बस्तर की शांति के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि आज की यह जीत उन परिवारों के प्रति सच्ची कृतज्ञता है, जिन्होंने हिंसा के कारण अपनों को खोया।
जनता का साहस: बस्तर के नागरिकों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर उनके भरोसे ने बंदूकों की दहशत को हरा दिया। जिस क्षेत्र में कभी मतदान पर उंगलियाँ काटने की धमकियाँ दी जाती थीं, वहां की जनता ने निर्भय होकर विकास का रास्ता चुना।
विकास और विश्वास का समन्वय
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह जीत केवल हथियारों के बल पर नहीं, बल्कि ‘डबल इंजन’ सरकार के विकास कार्यों, पुनर्वास नीतियों और लोगों के विश्वास से मिली है। उन्होंने कहा:
“हमने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों का हमेशा स्वागत किया है। अब बस्तर के बच्चों के हाथों में किताब होगी और गाँवों तक विकास की रोशनी पहुंचेगी।”
भविष्य की राह
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि सुरक्षा बलों की सतर्कता और सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां जारी रहेंगी। अब छत्तीसगढ़ एक ऐसे युग में प्रवेश कर चुका है जहाँ भय का कोई स्थान नहीं है और राज्य समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।
















